हवा में क्रिसमस मनाने पर क्यों उखड़े कुछ पाकिस्तानी?

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25 दिसंबर यानी क्रिसमस, वो दिन जब लाल रंग के कपड़े पहने हुए सेंटा क्लॉस के आने का बच्चे इंतज़ार करते हैं.

दुनियाभर के देशों में क्रिसमस आने से पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं. स्कूली कार्यक्रमों से लेकर शॉपिंग मॉल तक क्रिसमस ट्री और सेंटा क्लॉस के लिबास में लोग नज़र आने लगते हैं.

पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स (पीआईए) ने भी इस बार अपने पैसेंजर्स के साथ क्रिसमस कुछ ख़ास तरीके से मनाया. पीआईए की कराची से इस्लामाबाद की फ्लाइट 24 दिसंबर को जब हवा में थी, तभी यात्रियों को 'जिंगल बेल्स, जिंगल बेल्स' की आवाज़ धुन के साथ सुनाई देने लगती है.

और फ्लाइट के सीनियर केबिन क्रू पीटर इनायत सेंटा क्लॉस के लिबास में झूमते हुए आकर फ्लाइट में मौजूद बच्चों को गिफ्ट बांटते हैं.

इस फ्लाइट का बाकी केबिन क्रू भी सेंटा की टोपी लगाए नज़र आता है. इस मौके की कुछ तस्वीरें और वीडियो पीआईए ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं.

पाकिस्तान की फ्लाइट में क्रिसमस को यूं मनाया जाना कुछ लोगों को चुभ रहा है. पीआईए की फ़ेसबुक पोस्ट पर कुछ लोग इसे धर्म और पाकिस्तान के इस्लामिक मुल्क होने से जोड़कर आपत्ति जता रहे हैं. हालांकि इसमें पीआईए की तरफ़ से इन कमेंट्स पर जो जवाब दिए जा रहे हैं, वो भी कम दिलचस्प नहीं हैं.

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आपत्ति जताने वालों का क्या कहना है?

जलाल लिखते हैं, ''पीआईए जैसे क्रिसमस मना रहा है. क्या पीआईए ने कभी ईद भी मनाई है?'' पीआई का जवाब- हम सभी ख़ास दिन मनाते हैं.

अमना ख़ान लिखते हैं, ''मैंने कभी किसी अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में ईद या मुस्लिमों से जुड़ा त्योहार मनाना नहीं देखा. मुझे ऐसा करने की वजह नहीं पता चल रही है.''

बुशरा ख़ान लिखती हैं, ''यात्रा के दौरान आप लोगों ने कितनी बार ईद मनाई है. तुम लोगों को अपनी सेवाओं को बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए न कि ये सब ड्रामा करने पर.''

उस्मान इब्राहिम कहते हैं, ''मैंने ब्रिटिश एयरवेज, वर्जिन एटलांटिक समेत किसी भी विमान में कभी कोई मुस्लिम त्योहार मनाते नहीं देखा. जबकि वहां सालों से मुस्लिम कर्मचारी हैं.'' पीआईए के पेज से इस पर जवाब दिया जाता है- आइए दूसरों के लिए ट्रेंड स्थापित करने की शुरुआत करते हैं.

शाज़िया मलिक सवाल करती हैं, ''पूरे केबिन ने क्रिसमस क्यों मनाया, तब जबकि एक भी क्रू मेंबर ईसाई नहीं लग रहा है. आप पाकिस्तानी कम्युनिटी को क्या संदेश देना चाहते हैं. इस्लाम की खूबसूरती दिखाने के लिए क्या हमने कभी मुसलमानों से जुड़ा त्योहार मनाया.''

पीआईए ने शाज़िया के इस सवाल पर जवाब दिया, ''हमने हमारे सीनियर सदस्य पीटर इनायत के साथ क्रिसमस मनाया, वो सेंटा के लिबास में थे. हमारे झंडे का हरा और सफेद रंग सलामत रहे क्योंकि हम सब एक मुल्क हैं.''

ख़ालिद कहते हैं, ''क्या आप लोग मोहम्मद अली जिन्ना का जन्मदिन मनाने के लिए कुछ ख़ास पहनेंगे. हम सभी पाकिस्तानी दूसरे मुल्कों को खुश करने के लिए इतना परेशान क्यों रहते हैं.''

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जिन्होंने किया पीआईए का समर्थन

हालांकि इस पोस्ट पर कमेंट करने वालों में ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने पीआईए के इस कदम की तारीफ़ की है.

ज़ीशान दास ने लिखा, ''अमरीका में रहने वाले एक पाकिस्तानी ईसाई के नाते मैं कहना चाहता हूं कि पीआईए ने हमें फ़ख़्र से भर दिया है.''

उमर अशरफ़ शेख़ लिखते हैं, ''पीआए का कदम अच्छा है. छोटे-छोटे कदम सालों की सड़न को ख़त्म करेंगी.''

अहमद शब्बा ने लिखा- पीआईए ने अच्छी शुरुआत की. नफरत भरे कमेंट्स को यूं जवाब देने के लिए शुक्रिया.

जिन्ना का भी मनाया गया जन्मदिन

पीआईए की पोस्ट में कुछ कमेंट्स में मोहम्मद अली जिन्ना का जन्मदिन मनाए जाने की बात कही गई थी.

इसके जवाब में पीआईए के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया गया. इस वीडियो में एयरहोस्टस जिन्ना के लिए एक संदेश पढ़ती और पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाती नज़र आती हैं.

फ्लाइट में जिन्ना के जन्मदिन का केक भी काटा जाता है.

70 साल बाद अलग अलग क्रिसमस मनाने को मजबूर

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