'श्रीलंका मानवीय सहायता लेने पर राज़ी'

श्रीलंका

श्रीलंका में लगभग तीन लाख लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं

भारत का कहना है कि श्रीलंका ने प्रवासी तमिलों की ओर से भेजी गई मानवीय सहायता स्वीकार करने की उसकी अपील को मान लिया है.

यूरोप में रह रहे तमिलों ने खाने-पीने की चीज़ों और दवाइयों से लदा जहाज़ श्रीलंका में लड़ाई के दौरान विस्थापित हुए लोगों के लिए भेजा है.

श्रीलंकाई अधिकारियों ने इस जहाज़ को वापस लौटने का आदेश दिया था लेकिन भारत की अपील पर वह इसे स्वीकार करने के लिए राज़ी हो गया.

भारत के दौरे पर आए श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल से भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने अपील की थी कि राहत सामग्री स्वीकार कर ली जाए.

भारतीय विदेश मंत्री ने बताया कि राहत सामग्री का वितरण भारतीय रेड क्रॉस के ज़रिए होगा.

तमिल विद्रोहियों के साथ लड़ाई के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश की जा रही है

गोताबाया राजपक्षे, श्रीलंकाई रक्षा मंत्री

फिलहाल यह जहाज़ भारत के दक्षिणी शहर चेन्नई के समुद्र तट के पास लंगर डाले हुए है.

दिल्ली पहुँचे श्रीलंकाई रक्षा मंत्री गोताबाया राजपक्षे ने कहा कि तमिल विद्रोहियों के साथ लड़ाई के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की कोशिश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि 180 दिनों के भीतर विस्थापित हुए अधिकतर लोगों का पुनर्वास हो जाएगा.

लड़ाई के दौरान लगभग तीन लाख लोग बेघर हो गए थे जो अभी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि सरकार जल्दी ही पूर्वोत्तर इलाक़े में लोकतंत्र को मज़बूत बनाएगी और स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.