लाहौर में भीषण धमाका, 23 मारे गए

लाहौर में धमाका
Image caption लाहौर के पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाकर धमाका किया गया

पाकिस्तान के शहर लाहौर में पुलिस मुख्यालय को निशाना बना कर किए गए आत्मघाती कार बम हमले में कम से कम 23 लोग मारे गए हैं और दो सौ घायल हुए हैं.

बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार लगभग नौ बजे विस्फोटकों से लदी कार में भीषण धमाका हुआ.

लाहौर के डिप्टी पुलिस कमिश्नर सज्जाद भुट्टा ने बताया, "एक गाड़ी आई है. उसने सड़क पर लगे बैरियर तोड़ दिया और आगे बढ़ गई. इसी दौरान उसमें धमाका हुआ."

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमलावर टोयोटा कार में सवार थे. हालाँकि उनकी सही संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है.

हमलावरों में से दो ने गाड़ी से नीचे उतर कर सुरक्षा गार्डों पर गोलियाँ चलाई और कारचालक आगे बढ़ा. उसी समय कार में भीषण धमाका हुआ.

धमाके में पुलिस का राहत और बचाव मुख्यालय और ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गया.

मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि मलबे के नीचे कई और लोगों के फँसे होने की आशंका जताई जा रही है. इन्हें निकालने का काम अभी जारी है.

भारत ने लाहौर में हुए धमाकों की कड़ी निंदा की है.

विदेश मंत्री एस एम कृष्णा ने कहा, '' लाहौर के धमाके में कई बेगुनाहों की जान गई है. भारत इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता है. भारत ने हमेशा कहीं भी हुए आतंकवादी हमलों की निंदा करता है और हमारी संवेदनाएं पाकिस्तान की सरकार और जनता के साथ है जिन्होंने अपने परिजनों को खोया. ''

कृष्णा ने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान मिलकर आतंकवाद से निपट सकेंगे.

सेना का सहारा

Image caption लाहौर के अलावा पेशावर में भी धमाके हुए हैं

राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के लिए सेना की सहायता ली जा रही है.

विस्फोट के बाद ध्वस्त इमारतों के आस-पास फ़ायरिंग की आवज़ सुनी गई. सुरक्षाकर्मियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को वहां से गिरफ़्तार किया है.

राहतकर्मियों को मलबा हटाने में ख़ासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई घायल लोगों को बाहर निकालने में वे सफल रहे.

बचावकर्मी कुछ बदहवास पुलिसकर्मियों को भी निकालते हुए देखे गए जिनके कपड़े ख़ून से सने थे.

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रमुख रहमान मलिक ने अंदेशा जताया है कि इस हमले के पीछे सूबा सरहद में सक्रिय चरमपंथियों का हाथ हो सकता है.

उनका कहना था, "हमारी सेना कबायली इलाक़े में चरमपंथियों से सख़्ती से निपट रही है. हो सकता है इससे घबराकर उन्होंने इधर का रुख़ किया हो."

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना ज़बर्दस्त था कि दस किलोमीटर के दायरे में इसकी आवाज़ सुनी गई.

अभी भी कई लोग मलबे में फँसे हुए हैं जिन्हें निकालने का काम चल रहा है.

घायलों को पास के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है.