माओवादियों का प्रदर्शन जारी

नेपाल में विरोध प्रदर्शन
Image caption काठमांडू में सुरक्षा बलों के साथ माओवादी समर्थकों की झड़प के बाद अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किया गया है

नेपाल के सेनाध्यक्ष रुकमनगुद कटवाल को हटाए जाने के माओवादी सरकार के फ़ैसले को न माने जाने के खिलाफ़ माओवोदी समर्थकों के भीषण विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. राजधानी काठमांडू में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए गए हैं.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति रामबरन यादव ने कटवाल को हटाए जाने के सरकार के फ़ैसले को असंवैधानिक बताते हुए सेनाध्यक्ष को अपने पद पर बने रहने को कहा था.

इसके बाद पुष्प कमल दहाल यानी प्रचंड ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. दहाल चाहते थे कि पूर्व माओवादी लड़ाकों को सेना में शामिल किया जाए.

बुधवार को काठमांडू में सुरक्षा बलों के साथ माओवादी समर्थकों की झड़प के बाद शहर के प्रमुख इलाक़ों में अतिरिक्त सैन्य बलों को तैनात किया गया है.

उधर एक राष्ट्रीय सरकार बनाने के प्रयास के तहत नेपाल की मुख्य पार्टियाँ माओवादी पार्टी के साथ बातचीत कर रही हैं.

सशर्त समर्थन

नेपाली संसद में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं प्राप्त है. माओवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है.

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (एकीकृत माओवादी-लेनिनवादी) के प्रमुख झलनाथ खनाल ने माओवादी नेता और कार्यवाहक प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड से मुलाक़ात की है.

बुधवार को कार्यवाहक प्रधानमंत्री प्रचंड ने बीबीसी को बताया था, "हम नई सरकार के गठन में सहयोग देने को तैयार हैं लेकिन शर्त है कि राष्ट्रपति रामबरन यादव सरकार द्वारा बर्ख़ास्त सेनाध्यक्ष को बहाल करने के अपने फ़ैसले को बदलें."

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के नेताओं का भी मानना है की संसद में सबसे बड़ी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के बिना किसी भी सरकार के लिए काम करना काफ़ी मुश्किल होगा.

सेनाध्यक्ष को सरकारी आदेशों के उल्लंघन के आरोप में हटाने का फ़ैसला किया गया था.

माओवादियों की इच्छा थी कि पूर्व माओवादी विद्रोहियों को सेना में शामिल कर लिया जाए लेकिन जनरल कटवाल इसके पक्ष में नहीं थे.

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