बेनज़ीर की हत्या की जाँच

बेनज़ीर भुट्टो
Image caption बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कैसे हुई इसको लेकर अभी तक भ्रम बना हुआ है

संयुक्त राष्ट्र बुधवार से पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की जाँच शुरु कर रहा है. भुट्टो की दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में एक रैली के दौरान हुए धमाके में हत्या हो गई थी.

संयुक्त राष्ट्र की जाँच का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र में चिली के राजदूत हेराल्डो मुनोज़ करेंगे. इंडोनेशिया के एक पूर्व एटॉर्नी जनरल और आयरलैंड के एक पूर्व पुलिस अधिकारी जाँच समिति के सदस्य होंगे.

ये जाँच छह महीने चलेगी और ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि भुट्टो की हत्या के मामले में तथ्य क्या है और किन परिस्थितियों में उनकी हत्या हुई.

'महूसद को दोषी ठहराया था'

बीबीसी संवाददाता माइक वूलरिज के अनुसार, "पाकिस्तान में ऐसी जाँच करने के लिए ये बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय है. पिछली पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान के तालेबान नेता बैतुल्ला महसूद पर इस हत्या का आरोप लगाया था. आज वे दो महीने से चल रहे सैन्य अभियान का निशाना है और उनके चरमपंथी नेटवर्क ने जवाबी कार्रवाई में आत्मघाती हमले किए हैं."

लेकिन महसूद ने बेनज़ीर भुट्टो की हत्या में हाथ होने से इनकार किया है.

उनकी हत्या के बाद कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं.

जब वे अक्तूबर 2007 में निर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटी थीं तब वे दो आत्मघाती हमलों में बाल-बाल बची थीं.

उन्होंने उस समय की मुशर्रफ़ सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसियों में मौजूत अपने 'दुश्मनों और शरारती तत्वों' को इन हमलों के लिए दोषी ठहराया था.

संयुक्त राष्ट्र अपने आप से किसी के ख़िलाफ़ किसी तरह की क़ानूनी कार्रवाई तो नहीं शुरु कर सकता लेकिन वह अपनी जाँच में यह ज़रूर बता सकता है कि हत्या के लिए कौन दोषी है.

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