तालेबान समर्थक सूफ़ी मोहम्मद गिरफ़्तार

सूफ़ी मोहम्मद
Image caption सूफ़ी मोहम्मद ने चरमपंथियों और सरकार के बीच समझौता करवाया लेकिन शांति नहीं ला सके थे.

पाकिस्तान पुलिस ने रविवार को तालेबान समर्थक मौलाना सूफ़ी मोहम्मद को गिरफ़्तार कर लिया है.

सूफ़ी मोहम्मद वही मौलाना हैं जिन्होंने स्वात घाटी में सरकार और चरमपंथियों के बीच शांति समझौता करवाने में मुख्य भूमिका निभाई थी.

यह समझौता अब टूट चुका है.

यह समझौता अप्रैल में उस समय टूट गया था जब तालेबान स्वात घाटी के कई अन्य ज़िलों में घुस आए जिसके बाद सेना ने कार्रवाई की. सैन्य कार्रवाई के जवाब में तालेबान ने उत्तर पश्चिमी प्रांत के कई इलाक़ों में जवाबी कार्रवाई भी की थी.

उत्तर पश्चिमी प्रांत के सूचना मंत्री मियां इफ्तिखार ने बताया कि सूफ़ी मोहम्मद को हिंसा और आतंकवाद को बढ़ाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

मियां इफ़्तिखार ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, '' शांति के लिए क़दम उठाने और आतंकवाद के लिए अपने वादों को पूरा करने की बजाय वो अपने रुख से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे थे. हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे.''

स्वात घाटी में सैन्य कार्रवाई के दौरान क़रीब 20 लाख लोगों को घाटी छोड़कर जाना पडा था और शरणार्थी शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी. पिछले दो हफ्तों में हज़ारों की संख्या में ये शरणार्थी अपने घरों को वापस लौटे हैं.

इफ़्तिखार ने सूफ़ी मोहम्मद पर 'एक बार फिर और लोगों को मारने की तैयारी' करने का आरोप लगाया.

उनका कहना था, '' हम ऐसा होने नहीं दे सकते. हमने शांति के लिए एक बड़ी क़ीमत अदा की है. हम किसी को शांति के साथ खिलवाड़ करने नहीं दे सकते.''

मियां इफ़्तिखार का कहना था कि सरकार और तालेबान के बीच हुए समझौते में सूफ़ी मोहम्मद की भूमिका की जांच की जाएगी और इस आधार पर मामला बनाया जाएगा.

सूफ़ी मोहम्मद के पुत्र 12 वर्षीय अज़मतुल्लाह ने बताया कि पुलिस पेशावर के पास सेठी में उनके घर पहुंची और उनके पिता और तीन भाइयों को ले गई.

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