बैतुल्लाह को लेकर दावे प्रतिदावे

बैतुल्ला महसूद
Image caption पाकिस्तान सरकार ने चुनौती दी है कि बैतुल्ला मेहसूद यदि ज़िंदा हैं तो सामने आएँ

तालेबान कमांडरों ने अपने नेताओं के जीवित होने का प्रमाण माँगने की पाकिस्तान सरकार की चुनौती को एक हथकंडा बताते हुए कहा है कि सरकार चाहती है कि उनके नेता खुले में आ जाएँ ताकि उनको आसानी से निशाना बनाया जा सके.

पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने अमरीकी ड्रॉन हमले में तालेबान के नेता बैतुल्लाह मेहसूद के मारे जाने और उसके बाद उत्तराधिकार के लिए तालेबान में छिड़ी आपसी लड़ाई के दौरान एक और वरिष्ठ कमांडर के मारे जाने की ख़बरें आने के बाद तालेबान को अपने नेताओं के बारे में सबूत देने की चुनौती दी थी.

अभी तक न तो पाकिस्तान सरकार ने तालेबान नेताओं के मारे जाने का सबूत दिया है, न ही तालेबान ने अपने नेताओं के जीवित होने का प्रमाण दिया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि सरकार को बैतुल्लाह मेहसूद के मारे जाने की पक्की जानकारी मिली है.

उनका कहना था,'' मुझे लगता है कि ये बिल्कुल पक्का है कि वो मारे जा चुके हैं. हमें अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से इसकी जानकारी मिली है. उनके अपने समर्थकों ने भी यही कहा है. ऐसे लोगों का भी पता चला है जो उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने गए थे.''

दावे प्रतिदावे

दरअसल पाकिस्तान में तालेबान के नेता बैतुल्लाह मेहसूद के मारे जाने को लेकर पाकिस्तान सरकार और पाकिस्तानी तालेबान की और से बिल्कुल विपरीत बयान आ रहे हैं.

पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनकी जानकारी के अनुसार बैतुल्लाह मेहसूद की बुधवार को हुए एक अमरीकी रॉकेट हमले में मौत हो गई है, तालेबान का कहना है ऐसा नहीं है.

Image caption तालेबान नेता हकीमुल्ला महसूद को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है

फिर पाकिस्तान सरकार का कहना है कि तालेबान के भीतर अब संगठन के भीतर दो प्रतिस्पर्धी गुटों के बीच बैतुल्लाह मेहसूद की जगह लेने के लिए लड़ाई छिड़ गई है - मगर तालेबान का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है.

पाकिस्तान सरकार ने इस सिलसिले में थोड़ा ब्यौरा और दिया है और गृहमंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि तालेबान के भीतर जिन दो गुटों के बीच लड़ाई छिड़ी उसमें एक का नेता मारा भी गया है.

उन्होंने बताया कि इन दोनों गुटों के नेता हैं - वलीउर रहमान और हकीमुल्ला मेहसूद जिनके बीच लंबे समय से मतभेद थे और अब सरकार को जानकारी मिली है कि आपसी लड़ाई में एक मारे गए हैं जिसकी पहचान अभी की जानी है.

रहमान मलिक ने बैतुल्लाह मेहसूद और तालेबान के एक और नेता के मारे जाने और तालेबान के भीतर आपसी झगड़े की बात कहते हुए तालेबान विद्रोहियों को चुनौती भी दी कि यदि वो समझते हैं कि सरकार ग़लत कह रही है तो वो ही स्वयँ ये प्रमाण दे दें कि कौन सच्चा है कौन झूठा.

पाकिस्तानी गृहमंत्री रहमान मलिक का कहना था,'' यदि बैतुल्लाह मेहसूद ज़िंदा या फिर हकीमुल्ला मेहसूद ज़िंदा हैं तो उनकी वीडियो तस्वीर क्यों नहीं दिखा देते. आजकल तो हर मोबाइल फ़ोन में वीडियो कैमरा होता है, बस तस्वीर उतारें वो और ये दिखा दें कि वे दोनों जीवित हैं - मैं सीधे उनको ये चुनौती देता हूँ.''

लेकिन तालेबान के जिस नेता हकीमुल्ला मेहसूद की बात रहमान मलिक ने की, उस नेता - हकीमुल्ला मेहसूद ने शनिवार को बीबीसी संवाददाता हारून रशीद के साथ बात की और कहा कि कि सरकार सरासर झूठ बोल रही है.

फ़िलहाल बैतुल्लाह मेहसूद और हकीमुल्ला मेहसूद के मारे जाने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि दोनों ही पक्षों की और से बयान तो आए हैं, दावे तो किए गए हैं, मगर उसको साबित करने के लिए कोई प्रमाण नहीं दिया गया है.

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