जाफ़ना में जीत, वावुनिया में हार

एक मतदान केंद्र
Image caption चुनावों को लेकर लोगों में बहुत उत्साह नहीं दिखा

गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद श्रीलंका के उत्तरी हिस्से के तमिल बहुल इलाक़े में पहली बार हुए चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन को वावुनिया में हार का सामना करना पड़ा है लेकिन उसने जाफ़ना में जीत हासिल की है.

जाफ़ना इस क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है, हालांकि वहाँ केवल 20 फ़ीसदी लोगों ने मतदान में हिस्सा लिया.

ग़ौरतलब है कि इन दोनों शहरों में तमिल बहुसंख्यक हैं.

वावुनिया में तो अब भी लगभग 25 हज़ार तमिल शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं लेकिन वहाँ मतदाताओं ने उन उम्मीदवारों का समर्थन किया जो तमिल विद्रोहियों के समर्थक रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में श्रीलंकाई सेना ने तमिल विद्रोहियों को हरा कर इस पूरे इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

उत्तरी हिस्से में हुए इन चुनावों को श्रीलंका सरकार ने स्थिति सामान्य होने की दिशा में एक क़दम बताया है.

लेकिन कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि युद्ध के बाद की स्थिति इतनी ख़राब है कि वहाँ लोगों के लिए चुनाव कोई प्राथमिकता ही नहीं थी.

उनका कहना है कि वहाँ स्थिति अब भी सामान्य नहीं हैं.

इसका अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि शरणार्थियों से कहा गया था कि जो लोग वोट देने की पात्रता रखते हैं वो अपना पंजीयन करवा सकते हैं, लेकिन ढाई लाख लोगों में से सिर्फ़ छह हज़ार लोगों ने अपना पंजीयन करवाया.

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