अफ़ग़ान घटनाचक्र 2

अमरीका में 9/11 हमलों के बाद अफ़ग़ानिस्तान में घटनाओं पर एक नज़र.....

वर्ष 2001 में तालेबानी विरोधी गुट के मुख्य नेता अहमद शाह मसूद की हत्या.

अक्तूबर 2001- 9/11 हमलों के बाद तालेबान ने लादेन को सौंपने से इनकार किया. अमरीका और ब्रिटेन ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हवाई हमले किए.

नवंबर 2001- तालेबान विरोधी बलों ने मज़ारे-शरीफ़ पर हमला किया और कुछ दिनों के अंदर ही काबुल पहुँचे.

राष्ट्रपति और नई संसद

पाँच दिसंबर 2001 को विभिन्न अफ़ग़ान गुट बॉन में अंतरिम सरकार बनाने पर राज़ी. तालेबान ने कंधार पर नियंत्रण छोड़ा. 22 दिसंबर को पशतून नेता हामिद करज़ई अंतरिम सरकार के मुखिया बने.

2002- पूर्व राजा ज़हीर शाह लौटे पर कहा कि गद्दी के लिए दावेदारी नहीं करेंगे. मई में संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गठबंधन दिसंबर 2002 तक अफ़ग़ानिस्तान में रह सकता है. जून में लोया जिरगा ने हामिद करज़ई को अंतरिम राष्ट्रपति चुना. ये सरकार 2004 तक चलनी थी

2002- कंधार में हामिद करज़ई पर घात लगाकर हमला. दिसंबर में हामिद करज़ई और तुर्कमन नेताओं के बीच गैस पाइपलाइन पर समझौता जो अफ़ग़ानिस्तान से होते हुए तुर्कमेनिस्तान की गैस पाकिस्तान पहुँचाएगा.

2003- काबुल में नैटो ने सुरक्षा का ज़िम्मा लिया.

2004- लोया जिरगा ने नया संविधान अपनाया जिसमें राष्ट्रपति को ज़्यादा अधिकार देने की बात थी. सितंबर में करज़ई के हेलीकॉप्टर पर रॉकेट से हमला.

अक्तूबर 2004 में राष्ट्रपति चुनाव. 55 फ़ीसदी वोटों के साथ करज़ई विजेता घोषित.

2005- नई संसद का पहला सत्र.

2006- अमरीकी सैन्य वाहन दुर्घटनाग्रस्त, कई लोग मारे गए.काबुल में अमरीका विरोधी प्रदर्शन. 2001 में तालेबान के जाने के बाद सबसे बड़ा प्रदर्शन. ऑपरेशन माउंट थ्रस्ट में तालेबान और गठबंधन सेना के बीच लड़ाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए.

नैटो के हाथ में कमान

2006- अक्तूबर में नैटो ने पूरे अफ़ग़ानिस्तान की ज़िम्मेदारी ली. तालेबान और अफ़ग़ान सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा अभियान चलाया.

मई 2007- तालेबान के वरिष्ठ सैन्य कमांडर मुल्ला दादुल्ला की संघर्ष में मौत. जुलाई 2007 में पूर्व राजा ज़हीर शाह की मौत. बघलान में संसदीय दल पर हमला, 41 की मौत.

2008- ब्रितानी राजघराने के प्रिंस हैरी को हेलमंद में बतौर सैनिक के काम से वापस बुलाया गया. जून में तालेबान ने कंधार जेल से 350 क़ैदियों को छुड़ाया. करज़ई ने कहा कि अगर पाकिस्तान ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ क़दम नहीं उठाए तो अफ़ग़ानिस्तान अपने सैनिक वहाँ भेजेगा.

सितंबर 2008 में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने अफ़ग़ानिस्तान में अतिरिक्त 4500 सैनिक भेजे. नवंबर में तालेबान ने हामिद करज़ई की बातचीत की पेशकश ठुकराई.

जनवरी 2009 में किरगिज़स्तान ने अपने यहाँ अमरीकी सैन्य अड्डा बंद करने का फ़ैसला किया जहाँ से अमरीका अफ़ग़ानिस्तान को सामग्री सप्लाई करता था.

फ़रवरी 2009-अमरीका ने कहा वो 17000 अतिरिक्त सैनिक भेजेगा. करीब 20 नैटो देशों ने भी और सैनिक भेजने का वादा किया.

मार्च 2009- अफ़ग़ानिस्तान चुनाव आयोग ने अप्रैल में राष्ट्रपति चुनाव करवाने की करज़ई की माँग ठुकराई, कहा चुनाव अगस्त में होगा.

अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान की स्थिति से निपटने के लिए नई रणनीति की घोषणा की है. करीब चार हज़ार अमरीकी सैनिक अफ़ग़ान सेना और पुलिस को प्रशिक्षित करेंगे.

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