पाकिस्तान में आतंकवाद का लेखा-जोखा

पाकिस्तानी नागरिक
Image caption सबसे अधिक आतंकवादी घटना सूबा सरहद में हुई

पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक ने बताया है कि 2008-09 में देश भर में आतंकवाद की 1363 घटनाएं हुई जिनमें सुरक्षा बलों समेत 2686 लोग मारे गए.

ये बात उन्होंने गुरुवार को नेश्नल असेंबली में परवीन मसूद के सवाल के लिखित जवाब में बताई. पाकिस्तान शुक्रवार को अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहा है.

रहमान मलिक ने बताया कि आतंकवाद की सबसे अधिक घटनाएँ सूबा सरहद में हुईं जहां 544 घटनाओं में 1285 लोग मारे गए.

कबायली इलाक़ों या फ़ाटा में 380 आतंकवादी घटनाएं हुईं जिनमें 723 लोगों की मौत हो गई.

रहमान मलिक के अनुसार बलूचिस्तान में 331 आतंकवादी घटनाओं में 337 लोग, सिंध में 36 घटनाओं में 28 लोग, पंजाब में 67 घटनाओं में 240 लोग और इस्लामाबाद में नौ घटनाओं में 73 लोग मारे गए.

मंत्री के अनुसार आतंकवाद की इन घटनाओं के कारण नौ अरब 32 करोड़ 10 लाख रुपए की संपत्ति का नुक़सान हुआ है.

सरकार की सूचना के अनुसार फ़ाटा में सात अरब 12 करोड़ और सूबा सरहद में दो अरब 14 करोड़ की संपत्ति का नुक़सान हुआ है.

बलूचिस्तान में साढ़े तीन करोड़, पंजाब में 82 लाख, इस्लामाबाद में एक करोड़ 25 लाख और सिंध में पचास लाख रुपए की संपत्ति का नुक़सान हुआ है.

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