निर्मला देशपांडे को सितारा-ए-इम्तियाज़

निर्मला देशपांडे
Image caption निर्मला देशपांडे को मरणोपरांत ये सम्मान दिया जाएगा

भारत की जानी-मानी गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता निर्मला देशपांडे को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, सितारा-ए-इम्तियाज़ दिए जाने की घोषणा की गई है.

निर्मला देशपांडे को ये सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा, उनका निधन पिछले वर्ष मई महीने में हो गया था. निर्मला देशपांडे दशकों से भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों में सुधार के लिए अभियान चलाती रही थीं.

इससे पहले पाकिस्तान सरकार दिलीप कुमार और मोरारजी देसाई को भी अपने शीर्ष नागरिक सम्मान दे चुकी है.

भारत के पद्म पुरस्कारों की तरह पाकिस्तान में सितारा-ए-इम्तियाज़, निशान-ए-हैदर और हिलाल-ए-इम्तियाज़ जैसे सम्मान दिए जाते हैं.

निर्मला देशपांडे के अलावा जिन लोगों को सितारा-ए-इम्तियाज़ सम्मान देने के लिए चुना गया है उनमें पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अस्मा जहाँगीर और आयशा जलाल भी शामिल हैं.

अन्य सम्मान

बीबीसी से लंबे समय से जुड़े रहे पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई को भी सितारा-ए-इम्तियाज़ से सम्मानित किया गया.

अमरीकी सीनेटर और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके जॉन केरी को हिलाल-ए-पाकिस्तान से सम्मानित किया जाएगा.

जॉन केरी पाकिस्तान को मिलने वाली अमरीकी आर्थिक सहायता बढ़वाने में अग्रणी भूमिका निभा चुके हैं, उन्होंने अमरीकी संसद से एक बिल मंज़ूर कराया था जिसे केरी-लुगर बिल के नाम से जाना जाता है.

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कंट्रीज़ (ओआईसी) के महासचिव इकमुद्दीन इशांगुलू को भी 'कश्मीर विवाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने में उनकी भूमिका' के लिए हिलाल-ए-पाकिस्तान सम्मान दिया जाएगा.

स्वतंत्रता दिवस के अवसर इन सम्मानों की घोषणा की गई है और पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस 23 मार्च को राष्ट्रपति ये सम्मान देंगे.

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