सेक्स नहीं तो खाना नहीं

अफ़ग़ानिस्तान की महिलाएँ (फ़ाइल फ़ोटो)
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में इस विधेयक का पहले कड़ा विरोध हुआ था

अफ़ग़ानिस्तान में एक नया क़ानून बना है जिसके अनुसार यदि कोई पत्नी पति के साथ सेक्स करने से मना करे तो उसका खाना पानी बंद किया जा सकता है.

ये विधेयक सरकारी गजेट में प्रकाशित हो गया है और क़ानून बन गया है.

इसके पहले मूल विधेयक का भारी विरोध हुआ था जिसके बाद अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई को इसे वापस लेना पड़ा था.

लेकिन आलोचकों का कहना है कि मौजूदा संशोधित विधेयक अब भी महिला विरोधी है.

वो आरोप लगाते हैं कि हामिद करज़ई ने अगले सप्ताह होनेवाले राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनज़र शिया समुदाय का समर्थन हासिल करने के लिए ये क़दम उठाया है.

ये क़ानून अफ़ग़ानिस्तान के शिया परिवारों पर लागू होगा.

जो मूल विधेयक था, उसके अनुसार शिया महिलाओं को अपने शौहर के साथ सप्ताह में कम से कम चार बार सेक्स करना ज़रूरी था.

अब इसका संशोधित रूप चुपचाप पारित कर दिया गया है और इसे राष्ट्रपति करज़ई ने अनुमोदित कर दिया है.

ह्यूमन राइट वॉच की काबुल में प्रतिनिधि रैशेल रीड का कहना था,'' करज़ई इस क़ानून के संशोधन को लेकर दुनिया भर के दबाव में हैं.''

उनका कहना था,'' करज़ई के लिए अफ़ग़ानिस्तान के मजहबी और कट्टरपंथियों का समर्थन अधिक महत्वपूर्ण है. उनको लगता है कि चुनावों में उनके समर्थन की उन्हें आवश्यकता पड़ेगी.''

इस क़ानून के अनुसार यदि बीवी शौहर की सेक्स की माँग पूरी नहीं करती है तो उसका खाना पीना बंद किया जा सकता है.

इसके अलावा महिला को नौकरी करने के लिए अपनी पति की अनुमति की ज़रूरत होगी, साथ ही पिता और दादा को बच्चों की देखरेख का अधिकार सौंपा गया है.

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