स्वात में मिल रही है लाशें

मिंगोरा
Image caption स्वात घाटी में जुलाई महीने से स्थानीय लड़ाकों की लाशें मिल रही हैं.

पाकिस्तान की स्वात घाटी में पिछले कुछ दिनों में स्थानीय लड़ाकों की लाशों के मिलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है और रविवार को 18 लाशें मिली हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि स्वात के अलग अलग इलाक़ों मसलन मिंगोरा, हांगरु डेरई, देवालई, बड़ी कोट, हज़ारा और गुलजब्ह से रविवार को 18 लाशें मिली हैं.

इन लाशों के सिरों और सीने पर गोलियों के निशान हैं. लाशों के जिस्मों पर गोलियों के जख्मों के निशानों के अलावा प्रताड़ित किए जाने के निशान भी हैं.

इन लाशों के चेहरे भी बुरी तरह से छिन्न भिन्न कर दिए गए हैं जिससे शिनाख्त में मुश्किल आ रही है.

पेशावर से वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्ला युसुफ़ज़ई ने बताया कि कई लड़ाकों की लाशें मिंगोरा में पेड़ों पर टांग दी गई हैं. उनका कहना है कि लाशों के मिलने का सिलसिला जुलाई महीने में ही शुरु हुआ है और अब तक साठ से ऊपर लाशें मिली हैं.

पुलिस प्रमुख साजिद महमंद ने बीबीसी को बताया कि उन्हें चार लाशों की रिपोर्ट मिली है जिनकी मौत गोली लगने से हुई है.

उन्होंने बताया कि मारे जाने वाले लोग स्थानीय लड़ाके हैं जिनके ख़िलाफ़ स्थानीय लोगों में गुस्सा था और स्थानीय लोगों ने ही ये कार्रवाई की है.

पुलिस का कहना है कि इन मौतों से सुरक्षा बलों का कोई ताल्लुक नहीं है.

महमूंद का कहना था कि स्थानीय लोगों ने इन लड़ाकों का पीछा शुरु कर दिया है और रोज़ाना इनमें से कुछ लड़ाके मारे जा रहे हैं.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि कुछ लाशों को देखकर लगता है कि उनकी हत्या कई दिनों पहले की गई है. इनमें से चंद लाशों की पहचान हो चुकी है और उनका ताल्लुक स्थानीय तालेबान लड़ाकों से है.

स्वात में फ़ौजी आपरेशन शुरु होने के बाद से ही लड़ाकों की लाशें मिलने का सिलसिला जारी है. ख़बरों के मुताबिक अब तक स्वात के अलग अलग इलाक़ों से साठ लाशें मिल चुकी हैं.

स्थानीय लोग ये आरोप भी लगा रहे हैं कि इन स्थानीय लड़ाकों को सुरक्षा बल अगवा कर ले जाते हैं और बाद में इनकी लाशें मिलती हैं.

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