कंधार में विस्फोट, 36 की मौत

विस्फोट
Image caption चुनाव के बाद अफ़ग़ानिस्तान में ये सबसे बड़ी घटना है

अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी शहर कंधार में एक भीषण बम विस्फोट हुआ है जिसमें कम से कम 36 लोग मारे गए हैं.

डॉक्टरों ने कहा है कि कंधार शहर के बीचों-बीच हुए इस विस्फोट में लगभग 60 लोग घायल हुए हैं और अनेक इमारतें भी तबाह हो गईं.

गत सप्ताह हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव के मतगणना नतीजे मंगलवार को जैसे ही घोषित किए गए, यह विस्फोट बस उसके कुछ ही देर बाद हुआ.

मतगणना के आरंभिक नतीजों में मौजूदा राष्ट्रपति हामिद करज़ई को उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह पर मामूली बढ़त बताई गई थी.

इससे पहले हुए एक बम विस्फोट में चार अमरीकी सैनिक मारे गए थे. इन्हें मिलाकर विदेशी सैनिकों के लिए वर्ष 2009 बहुत रक्तरंजित साबित हुआ है.

नैटो के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एरिक ट्रैम्बले ने बताया, "इन सैनिकों की मौत उस समय हुई जब वे अफ़ग़ानिस्तान के सबसे ख़तरनाक इलाक़े में गश्त लगा रहे थे." प्रवक्ता ने इस इलाक़े का नाम नहीं बताया.

इन्हें मिलाकर अफ़ग़ानिस्तान में वर्ष 2009 में अभी तक मारे गए विदेशी विदेशी सैनिकों की संख्या 295 हो गई है.

वर्ष 2008 में 294 विदेशी सैनिक मारे गए थे.

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यह समाचार लिखे जाने तक कंधार में हुए भीषण विस्फोट की किसी संगठन ने ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की थी. यह इलाक़ा तालेबान का गढ़ समझा जाता है. कंधार में इस वर्ष में और भी हमले हो चुके हैं.

कंधार के प्रांतीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद शेर शाह ने कहा, "उन्होंने एक बार फिर बच्चों, महिलाओं और निर्दोष अफ़ग़ानियों की हत्या की है. यह दुष्कृत्य करने वाले इंसान नहीं हैं, वो जानवर हैं."

कुछ ख़बरों में कहा गया है कि विस्फोटक सामग्री कार में भर कर रखी गई थी जिसमें एक साथ धमाका हुआ, जबकि कुछ ख़बरों के अनुसार विस्फोट के लिए ट्रक या टैंकर का इस्तेमाल किया गया.

विस्फोट के बाद बहुत से लोग मलबे में फँस गए क्योंकि यह धमाका कंधार प्रांतीय परिषद के दफ़्तरों के बहुत निकट हुआ. उस इलाक़े में बहुत से होटल और ग़ैर सरकारी संगठनों के भी बहुत से दफ़्तर हैं.

इस विस्फोट में जो इमारतें तबाह हुई हैं उनमें एक विवाह स्थल भी था और एक जापानी निर्माण कंपनी का मुख्यालय भी इस विस्फोट में तबाह हुआ है.

मुसलमानों का पवित्र रमज़ान महीना चल रहा है जिस दौरान मुसलमान व्रत यानी रोज़ा रखते हैं.

यह विस्फोट उस समय हुआ जब कंधार में लोगों ने पूरे दिन रोज़ा रखने के बाद शाम को सूरज छिपने पर इफ़्तार किया था यानी नाश्ता किया था. रमज़ान के दौरान इफ़्तार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

कंधार प्रांतीय परिषद के एक सदस्य आग़ा ललाई ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "ऐसा लगा, जैसे भूचाल आ गया. बिजली गुल हो गई और बहुत ही ज़ोर का धमाका हुआ. पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और घायलों को सहायता पहुँचाने में लगी है."

अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति पद के चुनाव के समय अनेक स्थानों पर हमले हुए हैं.

नैटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता सेना का कहना है कि 20 अगस्त को हुए मतदान के दौरान एक ही दिन में लगभग 400 हमले हुए थे.

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