कंधार में बड़ा धमाका, 40 की मौत

धमाका
Image caption चुनाव के बाद अफ़ग़ानिस्तान में ये सबसे बड़ी घटना है

अफ़ग़ानिस्तान के शहर कंधार में हुए एक बड़े बम धमाके में कम से कम 40 लोग मारे गए है.

डॉक्टरों का कहना है कि इस धमाके की वजह से आसपास की इमारतों के गिरने से कम से कम 60 लोग घायल हो गए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार का मानना है कि विस्फोटक पेट्रोल टैंकर अथवा एक ट्रक में रखा गया था.

ये धमाका इतना शाक्तिशाली था कि आसपास की इमारतें भी तबाह हो गईं.

संवाददाताओं के अनुसार एक जापानी निर्माण कंपनी का दफ़्तर, शादी का एक हॉल और लगभग 40 दुकानें नष्ट हो गईं हैं. बचावकर्मी जीवित बचे लोगों की तलाश में लगे हैं.

राष्ट्रपति पद के चुनाव के मतगणना नतीजे मंगलवार को जैसे ही घोषित किए गए, यह विस्फोट बस उसके कुछ ही देर बाद हुआ.

मतगणना के आरंभिक नतीजों में मौजूदा राष्ट्रपति हामिद करज़ई को उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह पर मामूली बढ़त बताई गई थी.

इससे पहले हुए एक बम विस्फोट में चार अमरीकी सैनिक मारे गए थे. इन्हें मिलाकर विदेशी सैनिकों के लिए वर्ष 2009 बहुत रक्तरंजित साबित हुआ है.

नैटो के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एरिक ट्रैम्बले ने बताया, "इन सैनिकों की मौत उस समय हुई जब वे अफ़ग़ानिस्तान के सबसे ख़तरनाक इलाक़े में गश्त लगा रहे थे." प्रवक्ता ने इस इलाक़े का नाम नहीं बताया.

इन्हें मिलाकर अफ़ग़ानिस्तान में वर्ष 2009 में अभी तक मारे गए विदेशी विदेशी सैनिकों की संख्या 295 हो गई है. वर्ष 2008 में 294 विदेशी सैनिक मारे गए थे.

शाक्तिशाली धमाका

कंधार में हुए भीषण विस्फोट की अभी तक किसी संगठन ने ज़िम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.

कंधार तालेबान का गढ़ समझा जाता है और यहाँ इस वर्ष और भी हमले हो चुके हैं.

कंधार के प्रांतीय पुलिस प्रमुख मोहम्मद शेर शाह ने कहा, "उन्होंने एक बार फिर बच्चों, महिलाओं और निर्दोष अफ़ग़ानियों की हत्या की है. यह दुष्कृत्य करने वाले इंसान नहीं हो सकते हैं."

विस्फोट के बाद बहुत से लोग मलबे में फँस गए क्योंकि ये धमाका कंधार प्रांतीय परिषद के दफ़्तरों के बहुत निकट हुआ. उस इलाक़े में बहुत से होटल और ग़ैर सरकारी संगठनों के भी बहुत से दफ़्तर हैं.

मुसलमानों का पवित्र रमज़ान महीना चल रहा है जिस दौरान मुसलमान रोज़ा रखते हैं.

यह विस्फोट उस समय हुआ जब कंधार में लोगों ने पूरे दिन रोज़ा रखने के बाद शाम को सूरज छिपने पर इफ़्तार किया था.

कंधार प्रांतीय परिषद के एक सदस्य आग़ा ललाई ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "ऐसा लगा, जैसे भूचाल आ गया. बिजली गुल हो गई और बहुत ही ज़ोर का धमाका हुआ. पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और घायलों को सहायता पहुँचाने में लगी है."

अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति पद के चुनाव के समय अनेक स्थानों पर हमले हुए हैं.

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