'करज़ई-हॉलब्रुक में नोक-झोंक'

Image caption मतदान के बाद करज़ई और हॉलब्रुक के बीच मुलाकात हुई थी

बीबीसी को जानकारी मिली है कि अफ़ग़ानिस्तान के लिए विशेष अमरीकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक और राष्ट्रपति हामिद करज़ई के बीच अफ़ग़ान चुनाव को लेकर तीखी नोक-झोंक हुई है.

सूत्रों के मुताबिक रिचर्ड हॉलब्रुक ने चुनाव में हुई धाँधली के आरोपों की ओर करज़ाई का ध्यान खींचा था और कहा था कि दूसरे चरण या रन-ऑफ़ करवाने से चुनाव ज़्यादा विश्वसनीय लग सकता है.

राष्ट्रपति चुनाव के आरंभिक नतीजों में हामिद करज़ई को बढ़त मिल रही है. अंतिम नतीजे सितंबर में ही मिल पाएँगे.

कई सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि रिचर्ड हॉलब्रुक और हामिद करज़ई के बीच मतदान के अगले दिन बैठक हुई थी.

बताया गया है कि बैठक में काफ़ी गहमागहमी हुई और ये नाटकीय रही.

माना जा रहा है कि हॉलब्रुक ने इन आरोपों पर चिंता जताई कि हामिद करज़ई के कुछ सहयोगियों ने मतपेटियों से छेड़छाड़ की. सूत्रों का कहना है कि इस पर करज़ई काफ़ी नाराज़ हो गए और इसके बाद जल्द ही बैठक ख़त्म हो गई.

विवाद

काबुल में अमरीकी दूतावास की प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया है कि बैठक के दौरान कोई किसी पर चीख़ा या हॉलब्रुक बैठक छोड़कर चले गए.

प्रवक्ता ने बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया.

अफ़ग़ानिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आशंकाएँ व्यक्त की जाती रही है कि इसमें अनियमितताएँ हुई हैं.

चुनाव के बाद पश्चिमी देशों ने चुनाव को सफल बताया था. उनका कहना था कि धांधली और भ्रष्टाचार की ख़बरों के बीच भी ये चुनाव, चुनाव न होने से बेहतर विकल्प हैं.

लेकिन ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि पश्चिमी देश के किसी अधिकारी के इस तरह नाराज़गी ज़ाहिर करने की ख़बरें आ रही हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसके बाद चुनावों की विश्वसनीयता पर और सवाल खड़े होंगे. साथ ही अर्थपूर्ण सरकार और स्थाई माहौल हासिल करने का मक़सद और मुश्किल हो जाएगा.

संबंधित समाचार