'चरमपंथी भाग रहे हैं'

पाकिस्तान का कहना है कि तालेबान और अल क़ायदा के ख़िलाफ़ चल रही लड़ाई में उसे जीत मिल रही है और इस्लामी चरमपंथियों को देश से खदेड़ा जा रहा है.

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि चरमपंथियों पर भारी मार पड़ी है और पाकिस्तानी सेना उन्हें पूरी तरह ख़त्म करके ही दम लेगी.

लंदन में मौजूद रहमान मलिक ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि पाकिस्तान में चरमपंथियों के ये अंतिम दिन हैं और अब वे सोमालिया और यमन जैसे अफ्रीका देशों का रुख़ कर रहे हैं.

रहमान मलिक काफ़ी उत्साहित और विजयी मुद्रा में बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों की कमर पूरी तरह से तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी लेकिन साथ ही उन्होंने माना कि इसमे थोड़ा समय लग सकता है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पहले की तरह उन्हें दोबारा से एकजुट होने का मौक़ा नहीं दिया जाएगा, "उन्हें दोबारा से अपने पाँव जमाने का मौका नहीं मिलेगा जैसा वे पहले करते रहे हैं. हमारी सेना इस बात के लिए कटिबद्ध है कि जब तक एक-एक तालिब वहाँ से भगा नहीं दिया जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी, उनके पास दो ही विकल्प हैं या तो आत्मसमर्पण करें या मारे जाएँ".

मलिक ने कहा कि ख़ुफिया रिपोर्टें मिल रही हैं तालेबान और अल क़ायदा के लोग घबरा गए हैं और वे सोमालिया, सूडान और यमन की ओर भाग रहे हैं.

पलायन

पाकिस्तानी गृह मंत्री का कहना है कि सबसे अधिक चरमपंथी सोमालिया जा रहे हैं क्योंकि वहाँ उनके लिए हालात पाकिस्तान जैसे मुश्किल नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान छोड़कर भाग रहे चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना अब उन देशों की ज़िम्मेदारी है जहाँ वे जा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "हमारी कार्रवाई के बाद उनके लिए स्थितियाँ ऐसी नहीं हैं कि वे पाकिस्तान में रुक सकें अब अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को उन पर नज़र रखनी चाहिए और उनकी हरकतों को रोकने की कोशिश करनी चाहिए. वे जहाँ कहीं भी जाएँ वे हैं तो अपराधी ही".

रहमान मलिक ने ये बातें ऐसे समय पर कही हैं जबकि पाकिस्तान में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी है, आज भी पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर प्रांत के दक्षिणी वज़ीरिस्तान में तालेबान का अड्डा कहे जाने वाले कानीगुड़म दो अमरीकी मिसाइल हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए हैं.

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