एक माफ़ी, लाख गुहार

वकील ओबैस शैख़
Image caption सरबजीत सिंह के वकील ओवैस का कहना है कि इतने लोगों के हस्ताक्षरों का असर ज़रूर होगा.

पाकिस्तान में मौत की सज़ा काट रहे भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह के वकील ने दावा किया है कि एक लाख भारतीय नागरिकों ने उन केलिए क्षमा याचिकाओं पर हस्ताक्षर किए हैं जो राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को पेश की जाएँगी.

सरबजीत सिंह के पाकिस्तानी वकील ओवैस शेख़ ने लाहौर में एक पत्रकार वार्ता में यह दावा किया.

उनके अनुसार सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने उन्हें हस्ताक्षर की हुई याचिकाएँ दी हैं जो अब राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी के समक्ष पेश की जाएँगी.

उनका कहना था कि वो 14 अगस्त को भारत गए थे और वहाँ पर उन्होंने सरबजीत के परिवार से मुक़दमे के बारे में विस्तार से बातचीत की.

वकील ओवैस के अनुसार सरबजीत की सज़ा में माफ़ी केलिए दस्तख़ती मुहिम की शुरुआत पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने की थी.

उन्होंने पत्रकारों को बताया, "मुझे जो क्षमा याचिकाएँ मिली हैं, उन में दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुख़ारी और अजमेर शरीफ़ के साहबज़ादा सैयद मोहम्मद अमीन हाशमी की अपीलें भी शामिल हैं."

उन्होंने कहा कि सरबजीत की माफ़ी केलिए अपीलों पर हस्ताक्षर करने वालों में भारत में इसाई समुदाय के मुख्य पादरियों, मुख्य गुरुद्वारों, बार एसोसिएशन के सदस्यों, मज़दूरों और अन्य संस्थाओं के लोग शामिल हैं.

ओवैस ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों केलिए काम करने वाली संस्थाओं की ओर से भी उन्हें सरबजीत केलिए क्षमा याचिकाएँ मिली हैं.

सरबजीत सिंह को वर्ष 1990 में पाकिस्तान में हुए चार बम धमाकों के मामलों में दोषी पाया गया था और उन्हें वर्ष 1991 में फाँसी की सज़ा सुनाई गई थी. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हाल में उनकी उस अपील को ख़ारिज कर दिया था जिसमें उन्हें सुनाई गई फाँसी की सज़ा को चुनौती दी गई थी.

Image caption सरबजीत सिंह की तस्वीर के साथ उनकी बहन

ओवैस शेख़ ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से अपील की हैं उन्हें मुलाक़ात केलिए समय दिया जाए ताकि वो सरबजीत के लिए भारतीय जनता की अपीलें उन तक पहुँचा सकें. उन्होंने आशा व्यक्त की है कि राष्ट्रपति भारत की ओर से इतनी बड़ी संख्या में याचिकाओँ को ख़ारिज नहीं करेंगे.

उन्होंने बताया, “सरबजीत सिंह की सज़ा की माफ़ी से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आने वाले दिनें में बातचीत की प्रक्रिया भी शुरु हो जाएगी.”

वकील ने बताया कि वे सरबजीत के गाँव भी गए थे जो अमृतसर से 25 किलोमीटर की दूरी पर है.

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