क़दीर ख़ान अब पूरी तरह आज़ाद

पाकिस्तान की एक अदालत ने विवादित परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान पर से आख़िरी पाबंदी भी हटा ली है. अब क़दीर ख़ान हर तरह के प्रतिबंधों से मुक्त हो गए हैं.

Image caption क़दीर ख़ान वर्षों तक नज़रबंद रहे हैं

पाकिस्तान को परमाणु शक्ति संपन्न देश बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान वर्षों तक अपने घर में नज़रबंद रहे हैं.

ऐसा उस समय हुआ जब उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्होंने परमाणु हथियारों से संबंधित गुप्त जानकारियाँ बेची थी.

इस साल फरवरी में उन पर से ज़्यादातर पाबंदियाँ हटा ली गई थी. लेकिन इसके बाद भी उन्हें अपने कहीं आने-जाने के बारे में अधिकारियों को जानकारी देनी होती थी.

फ़ैसला

इसके बाद उन्होंने एक याचिका दायर करके पूरी तरह पाबंदियाँ ख़त्म करने की मांग की थी. अब अदालत ने उनके पक्ष में फ़ैसला भी सुना दिया है.

लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस एजाज़ अहमद ने अपने फ़ैसले में कहा, "डॉक्टर ख़ान जहाँ चाहें आ-जा सकते हैं. कोई भी उन्हें रोक नहीं सकता. उनके आने-जाने और किसी से मिलने पर कोई बंदिश नहीं रहेगी."

अपनी याचिका में डॉक्टर क़दीर ख़ान ने कहा था कि अदालत के आदेश पर रिहा किए जाने के बावजूद मैं एक क़ैदी हूँ.

अभी ये पता नहीं चल पाया है कि सरकार इस फ़ैसले को चुनौती देगी या नहीं.

वर्ष 2004 में अब्दुल क़दीर ख़ान ने लीबिया, उत्तर कोरिया और ईरान को परमाणु जानकारियाँ देने की बात स्वीकार की थी.

क्षमादान

हालाँकि बाद में पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने उन्हें क्षमादान दे दिया था. उसके बाद से उन्होंने अपने कई बयानों में यह कहा कि उन पर लगाए गए आरोप ग़लत थे और उनसे ज़बरन परमाणु जानकारी बेचने की बात मनवाई गई थी.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता सैयद शोएब हसन का कहना है कि अपनी ग़लती मानने और हिरासत में रख जाने के बावजूद अब्दुल क़दीर ख़ान कई पाकिस्तानियों में काफ़ी लोकप्रिय हैं, जो उन्हें राष्ट्रीय हीरो मानते हैं.

लेकिन परमाणु जानकारी बेचने की बात स्वीकार करने के बाद पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के पिता कहे जाने वाले डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान को नज़रबंद कर दिया गया और उन्हें किसी से मिलने की अनुमति भी नहीं थी.

अमरीका और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अधिकारी भी पूछताछ करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली.

अमरीका ने बार-बार ये कहा कि उसके अधिकारी क़दीर ख़ान से पूछताछ करना चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान ने इससे इनकार कर दिया.

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