अफ़ग़ान चुनाव में धाँधली के ताज़ा आरोप

अफ़ग़ानिस्तान चुनाव
Image caption चुनाव में बड़े पैमाने पर धाँधली होने के आरोप लगाए गए हैं

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव शिकायत आयोग ने चुनाव अधिकारियों को देश भर में अनेक मतदान केंद्रों पर मतगणना फिर से कराने के आदेश दिए हैं.

ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ान राष्ट्रपति पद के चुनाव अगस्त में हुए थे जिनमें विपक्षी उम्मीदवार अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह ने बड़े पैमाने पर धाँधली के आरोप लगाए थे.

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत काई ईदी ने चुनाव अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था कि चुनाव के अंतिम परिणाम पक्के तौर पर मतदाताओं की सही राय दिखाएँ.

चुनाव शिकायत आयोग की तरफ़ से जारी एक वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र की उस टिप्पणी का भी हवाला दिया गया है.

काबुल में बीबीसी संवाददाता क्रिस मॉरिस का कहना है कि राष्ट्रपति पद के चुनाव की मतगणना के बारे में तर्क-वितर्क और बड़े पैमाने पर धाँधली के आरोप अब खुलकर सामने आने लगे हैं.

चुनाव शिकायत आयोग ने आदेश दिया है कि अगर किसी एक मतदान केंद्र पर 600 से ज़्यादा वोट पड़े हैं या किसी एक मतदान केंद्र पर 100 से ज़्यादा वोट पड़े हों और किसी एक उम्मीदवार को किसी एक मतदान केंद्र पर 95 प्रतिशत से ज़्यादा वोट हासिल हुए हों तो वहाँ मतगणना फिर से कराई जाए.

यह मतगणना स्वतंत्र और निष्पक्ष पर्यवेक्षकों, एजेंटों और चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होनी ज़रूरी है.

संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही कह दिया है कि जहाँ मतदान के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं या कोई सबूत मिले हैं उनकी मतगणना नहीं की जानी चाहिए.

अभी तक हुई मतगणना में मौजूदा राष्ट्रपति हामिद करज़ई को देश भर में अनेक मतदान केंद्रों पर शत-प्रतिशत वोट हासिल हुए बताए गए हैं.

इसलिए चुनाव में बड़े पैमाने पर धाँधली के आरोप बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती नज़र आ रही है और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी राजदूत और संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये चिंताएँ ज़ाहिर करने के लिए सोमवार रात हामिद करज़ई से भी मुलाक़ात की है.

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