'चुनाव आयोग करज़ई के साथ'

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने दावा किया है कि मौजूदा राष्ट्रपति हामिद करज़ई चुनाव आयोग के कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं.

Image caption अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने आयोग पर गंभीर आरोप लगाए

बीबीसी के साथ एक विशेष इंटरव्यू में अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव आयोग हामिद करज़ई के पक्ष में है. चुनाव आयोग की राष्ट्रपति चुनाव की मतगणना करा रहा है.

तीन सप्ताह पहले अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हुआ था, लेकिन तब से मतदान में धांधली के कई दावे सामने आए हैं.

लेकिन पहली बार अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने ये कहा है कि मतगणना की प्रक्रिया में भी दोष है. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के साथ से चुनाव छीना जा रहा है और स्वतंत्र चुनाव आयोग स्वतंत्र ही नहीं है.

आरोप

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा, "चुनाव आयोग किसी भी तरह स्वतंत्र नहीं है, बल्कि आयोग हामिद करज़ई के साथ है. ये भ्रष्ट रहा है और अब इसका ये आचरण फैल गया है. मेरा मानना है कि यह देश के लिए अच्छा नहीं कि जिस व्यक्ति ने इतने बड़े पैमाने पर धांधली की हो, वो पाँच साल तक देश पर शासन करे."

उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह चुनाव कराए गए हैं, इससे वहाँ अस्थिरता को बढ़ने का मौक़ा मिलेगा.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा कि वे सिर्फ़ अपने समर्थकों की बात नहीं कर रहे बल्कि उन लोगों की बात भी कर रहे हैं, जिन्होंने हामिद करज़ई के लिए मतदान किया है, लेकिन अब उनका वोट भी धांधली का हिस्सा हो गया है.

उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात तो ये है कि इससे एक धांधली से भरा नतीजा सामने आएगा और पाँच साल तक एक अवैधानिक सरकार काम करेगी और फिर अस्थिरता बढ़ेगी.

हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया वे अब भी यही चाहते हैं कि शांतिपूर्ण तरीक़े से एक निष्पक्ष नतीजा सामने आए.

इसी सप्ताह चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ने चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि जहाँ कहीं भी संदिग्ध मतपत्र दिखे, वहाँ दोबारा गिनती कराई जाए.

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