अस्सी केंद्रों पर मत अवैध घोषित

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव शिकायत आयोग (ईसीसी) ने राष्ट्रपति चुनाव में धाँधली के कारण कुछ मतदान केंद्रों पर वोटों को अवैध करार दे दिया है.

आयोग का कहना है कि कंधार, गज़नी और पकटिका में कई मतदान केंद्रों में धाँधली के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं.

इससे पहले 600 मतगणना स्टेशनों से नतीजों को अलग रखा गया था क्योंकि वहाँ चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का संदेह था.

संवाददाताओं का कहना है कि अब मतगणना को लेकर महीनों तक विवाद चल सकता है. अफ़ग़ानिस्तान में 20 अगस्त को चुनाव हुआ था और बड़े पैमाने पर चुनावी धाँधली के आरोप लगे थे.

अब तक मिले आंशिक नतीजों के मुताबिक हामिद करज़ई को 50 फ़ीसदी से ज़्यादा मत मिल चुके हैं जिसका मतलब है कि उन्हें दूसरे चरण के मतदान के लिए नहीं खड़ा होना पड़ेगा.

ईसीसी की वेबसाइट पर आए बयान में कहा गया है कि गजनी में 27 केंद्रों पर गिने गए मत फ़िलहाल अवैध करार दिए गए हैं, कंधार में 51 केंद्रों पर और पटकिया में पाँच मतदान केंद्रों पर.

धाँधली के आरोप

अफ़ग़ानिस्तान में कुल 24,450 मतदान केंद्र थे.गुरुवार को अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने शिकायत की थी कि हामिद करज़ई मतगणना को प्रभावित कर रहे हैं.

बीबीसी से बातचीत में अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा था कि चुनाव आयोग भी राष्ट्रपति के पक्ष में है. अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा था कि मतगणना की प्रक्रिया में भी दोष है. उनका था कि अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के हाथ से चुनाव छीना जा रहा है और स्वतंत्र चुनाव आयोग स्वतंत्र ही नहीं है.

अस्थिरता बढ़ेगी.

हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया वे अब भी यही चाहते हैं कि शांतिपूर्ण तरीक़े से एक निष्पक्ष नतीजा सामने आए.

इसी सप्ताह चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ने चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि जहाँ कहीं भी संदिग्ध मतपत्र दिखे, वहाँ दोबारा गिनती कराई जाए.

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