करज़ई ने पश्चिमी पर्यवेक्षकों पर उंगली उठाई

करज़ई
Image caption करज़ई के कार्यालय के मुताबिक कोई चमत्कार ही उन्हें जीत से वंचित कर सकता है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने यूरोपीय चुनाव पर्यवेक्षकों के उन बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए डाले गए कुल मतों में से एक चौथाई शक के घेरे में हैं.

करज़ई ने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षक लगभग 15 लाख वोटों को ख़ारिज करने की बात कह रहे हैं, इससे लगता है कि वो पक्षपात कर रहे हैं और ग़ैर ज़िम्मेदार तरीके से काम कर रहे हैं.

यूरोपीय संघ का कहना है कि इन मतों में से अधिकतर करज़ई के पक्ष में गए हैं. पर्यवेक्षकों का ये भी कहना है कि अगर कोई उम्मीदवार अभी जीतने की बात करता है, तो वो ठीक नहीं होगा.

अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि अब तक जितने वोटों की गिनती हुई है उसमें लगभग 55 फ़ीसदी करज़ई के पक्ष में गए हैं और उनके निकटवर्ती उम्मीदवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला को लगभग 28 फ़ीसदी मत मिले हैं.

इससे पहले करज़ई के चुनाव कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा, "हम मानते हैं कि मौजूदा प्रक्रिया से एक वैधानिक नतीजा तभी मिल सकता है जब वैधानिक संस्थाओं को प्रक्रिया पूरी करने दिया जाए और उनके मामलों में दख़लंदाज़ी बंद की जाए."

साथ ही अभियान कार्यालय के अनुसार, "अगर कोई चमत्कार नहीं हो जाता तो विजयी तो हम ही हैं."

यूरोपीय संघ के पर्यवेक्षकों के उप प्रमुख दिमित्रा इयोनू का कहना था कि जो संदिग्ध मत हैं उनमें से 11 लाख मत करज़ई के पक्ष में और तीन लाख अब्दुल्ला अब्दुल्ला के पक्ष में हैं.

इयोनू के अनुसार, "चुनाव केंद्रों के स्तर पर व्यापक धाँधली हो रही थी और जब ऐसी मतपेटियाँ मतगणना स्थलों पर पहुँचीं तो उन्हें अलग करके उनकी छानबीन करने की बजाए उन्हें एक अच्छे नतीजे की तरह स्वीकार कर लिया गया."

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