हाफ़िज़ सईद नज़रबंद नहीं

हाफ़िज़ सईद
Image caption हाफ़िज़ सईद ने स्थानीय मस्जिद में नमाज़ अदा किया

पाकिस्तान की पुलिस ने मीडिया रिपोर्टों को ग़लत करार देते हुए कहा है कि जमात उद दवा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद को न तो गिरफ़्तार किया गया है न ही उन्हें नज़रबंद किया है.

लाहौर में पुलिस अधीक्षक सुहैल खेरा ने पत्रकारों को बताया कि हाफ़िज़ सईद को सुरक्षा कारणों से चौकस रहने को कहा गया है और उन्हें लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में नमाज़ की अगवाई नहीं करने का अनुरोध किया गया जिसे उन्होंने मान लिया.

बीबीसी के लाहौर संवाददाता का कहना है कि हाफ़िज़ सईद ने स्थानीय मस्जिद में ही नमाज़ अदा किया है.

हर साल वो गद्दाफ़ी स्टेडियम में हज़ारों की भीड़ को संबोधित करते थे और नमाज़ पढ़वाते थे.

पुलिस अधीक्षक का कहना था, ``हमें उनकी नज़रबंदी या गिरफ़्तारी का कोई आदेश नहीं मिला है.’’

उनकी सुरक्षा की वजह से उन्हें भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने को कहा गया है और उनके घर के बाहर एक पुलिस वैन निगरानी कर रही है.

पुलिस का कहना है कि उनकी नज़रबंदी की बात बिल्कुल ग़लत है और सुरक्षा की वजह से उनसे अपनी आवाजाही सीमित रखने का अनुरोध किया गया है.

सुरक्षा को किससे ख़तरा?

लेकिन पाकिस्तान में हाफ़िज सईद की सुरक्षा को किससे ख़तरा हो सकता है इसपर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया है.

भारत 26 नवंबर को मुंबई हमलों के पीछे हाफ़िज़ सईद का हाथ मानता है और वो पाकिस्तान से उनकी गिरफ़्तारी की मांग करता रहा है.

हाफ़िज़ सईद पर दो अलग मामलों में ज़रूर मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन पाकिस्तान सरकार का कहना है कि मुंबई हमलों में उनका हाथ होने के कोई सबूत उन्हें नहीं मिले हैं.

इसके पहले हाफ़िज सईद के रिश्तेदारों ने कहा था कि पाकिस्तान पुलिस ने भारत के दबाव में आकर हाफ़िज सईद को गिरफ़्तार किया है.

हाफ़िज़ सईद के दामाद ख़ालिद वलीद ने बीबीसी को बताया कि लाहौर के पुलिस अधीक्षक ने घर पर आकर कहा है कि उनकी सुरक्षा को ख़तरा है इसलिए वे अब घर तक पाबंद रहेंगे.

ख़ालिद वलीद ने कहा, "सरासर इंडिया के दबाव में आकर ऐसा क़दम उठाया गया है."

उनका कहना है कि मुंबई में हुए हमलों में हाफ़िज़ सईद के शामिल होने की बात बेबुनियाद है और यह भारत का दुष्प्रचार है.

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