'पर्दे के पीछे बातचीत नहीं'

Image caption बातचीत के बाद कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई.

भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच न्यूयॉर्क में हुई बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान के साथ पर्दे के पीछे बातचीत जारी रखने के सुझाव को ख़ारिज कर दिया है.

भारतीय विदेश मंत्री एस एम कृष्णा का कहना था कि जब दोनों पक्ष खुलकर आमने सामने बातचीत कर सकते हैं को पर्दे के पीछे बातचीत ( बैक चैनल डिप्लोमेसी) की क्या ज़रुरत है.

दोनों विदेश मंत्रियों के बीच न्यूयॉर्क में क़रीब दो घंटे लंबी बातचीत हुई है.

दोनों नेताओं ने मुलाक़ात को सकारात्मक और सहयोगपूर्ण बताया. हालांकि बैठक के दौरान यह नहीं तय हुआ कि अगली बातचीत कब होगी.

बैठक के बाद साझा तौर पर द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई और इसमें मुंबई हमलों की जाँच का मुद्दा ही छाया रहा.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा का कहना था, "पाकिस्तान को चाहिए कि वो जाँच को आगे बढ़ाए. शाह क़ुरैशी ने मुझे बताया है कि हमलों के सिलसिले में गिरफ़्तार सात अभियुक्तों के ख़िलाफ़ मुक़दमा जल्द शुरु होगा."

हालांकि उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि सिर्फ़ सात लोगों पर मुक़दमे से काम नहीं चलेगा क्योंकि जिस बड़े पैमाने पर हमले हुए उसके पीछे पूरी ताकत होगी.

वार्ता के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने जहां मुंबई हमलों के अभियुक्तों पर जल्दी मुक़दमा चलाने की बात कही, वहीं उनका ज़्यादा ज़ोर एकमात्र इस मुद्दे पर बैठे रहने की बज़ाए अन्य मुद्दों पर वार्ता शुरु करने पर था.

वार्ता का रोडमैप

उन्होंने कहा, "मैंने समग्र बातचीत के लिए एक रोडमैप का प्रस्ताव रखा है जिस पर शर्म अल शेख में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच सहमति बनी थी."

उनका कहना था, 'हम अपनी चर्चाओं को सिर्फ़ एक मुद्दे पर केंद्रित नहीं कर सकते.'

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने बातचीत में कश्मीर के क्षेत्रीय विवाद का मुद्दा भी उठाया जिस पर दोनों देशों के बीच दो युद्ध हो चुके हैं.

उनका कहना था, "मैं किसी कमज़ोरी के कारण ये नहीं कह रहा हूं बल्कि आगे का सही रास्ता सिर्फ़ यही है. मैं रिश्ते सामान्य होते देखना चाहता हूं."

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