बम हमले में 30 की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में अस्पताल
Image caption घायलों का नैटो के अस्पताल में इलाज हो रहा है

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में एक बस में यात्रा कर रहे 30 लोग सड़क किनारे हुए एक बम विस्फोट में मारे गए हैं.

अफ़ग़ान गृह मंत्रालय के अनुसार बस हेरात से कंधार जा रही थी कि ये बम विस्फोट हुआ. मारे गए लोगों में 10 बच्चे और सात महिलाएँ शामिल हैं.

गंभीर रूप से घायल लोगों को उपचार के लिए नैटो के ठिकानों पर ले जाया गया है.

कंधार प्रांत की सरकार ने तालेबान को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया है, हालाँकि किसी भी गुट ने अब तक इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

यात्रियों में से एक लाल जान ने एपी समाचार एजेंसी को कंधार में बताया, "बस के पास एक विस्फोट हुआ. मुझे पता नहीं कि हुआ क्या. उसके बाद मैं बस से उतरा तो देखा कि बस पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी."

आम लोग शिकार

काबुल में बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि तालेबान अमरीका के नेतृत्त्व वाली सेना को निशाना बनाते हुए अब सड़क के किनारे लगाए गए बमों से ज़्यादा हमले कर रहे हैं.

मगर इन हमलों में आम तौर पर आम लोग निशाना बन रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार इस साल लगभग डेढ़ हज़ार आम लोग मारे जा चुके हैं जिनमें अधिकतर लोग तालेबान हमलों के शिकार हुए.

इन मौतों की ख़बर आने से कुछ ही पहले नैटो के महासचिव ऐंडर्स फ़ॉ रैसमूसेन ने अमरीका में पहला भाषण दिया.

वॉशिंगटन में अटलांटिक काउंसिल में उन्होंने यूरोपीय देशों से अपील की कि वे अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी फ़ौजों के साथ खड़े हों.

अफ़ग़ानिस्तान में अभी 40 देशों के लगभग एक लाख विदेशी सैनिक हैं, जिनमें से 60 हज़ार अमरीकी हैं.

अमरीकी सैनिक कमांडर चेतावनी दे चुके हैं कि उन्हें और सैनिकों की ज़रूरत होगी मगर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का कहना है कि वह रणनीति की समीक्षा से पहले किसी तरह का फ़ैसला नहीं करेंगे.

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