कैमरे में क़ैद 'अत्याचार'

वीडियो
Image caption प्रताड़ना का ये कथित वीडियो फ़ेसबुक पर जारी किया गया है

सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक पर जारी एक वीडियो में पाकिस्तानी सेना को तालेबान संदिग्धों पर कथित तौर पर अत्याचार करते हुए दिखाया गया है.

फ़ेसबुक पर जारी 10 मिनट के इस वीडियो में वर्दी पहने सैनिक संदिग्धों को पीटते हुए देखे जा सकते हैं जबकि बगल में खड़े अधिकारी निर्देश दे रहे हैं.

हालाँकि अभी ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि वीडियो किसने और कहाँ बनाया, लेकिन ऐसा मालूम होता है कि ये वीडियो हाल ही में स्वात घाटी में बनाया गया है.

पाकिस्तानी सेना ने इस संबंध में फ़िलहाल कुछ भी कहने से मना कर दिया है. मानवधिकार संगठनों ने सेना पर स्वात के इलाक़े में प्रताड़ना करने और ग़ैरक़ानूनी तौर से लोगों को मारने का आरोप लगाया है.

वीडियो के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल अतहर अब्बास ने बीबीसी से कहा, "ये बहुत ही गंभीर आरोप है. जब तक हम वीडियो की जाँच ना कर लें, मैं इस बारे मे कुछ नहीं कह सकता. इसमें कुछ समय लगेगा क्योंकि सारी प्रक्रिया में सेना मुख्यालय से भी विचार विमर्श करना होगा."

वीडियो में पाकिस्तानी सेना की वर्दी पहने हुए एक अधिकारी को कई संदिग्धों से पूछताछ करते हुए दिखाया गया है. संदिग्धों मे कई काफ़ी बुज़ुर्ग हैं.

जब अधिकारी को संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं मिलता तो वो इशारा करता है और तब सैनिक उसे बुरी तरह पीटते हैं यहाँ तक कि वो भारी जूतों से भी मारते हैं.

प्रताड़ना

यातना दिए जाने वाला आदमी चीख़ता है, चिल्लाता है और अल्लाह के नाम पर सैनिकों से रहम की भीख मागंते हुए बार-बार ये कहते हुए सुना जा सकता है कि वो जो कुछ भी जानता है उसे बता चुका है.

अधिकारी ये भी कहता है कि ये तो नरम बर्ताव है और अगर संदिग्ध ने सब कुछ नहीं बताया तो उसे सख्त़ तरीक़ा अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

अगर ये वीडियो सही साबित हो जाता है तो ये पाकिस्तानी सेना के हिरासत में लिए गए लोगों के साथ अत्याचार करने का पहला स्पष्ट सबूत होता.

पाकिस्तान मानवधिकार आयोग का कहना है कि उसके पास स्वात घाटी में सेना के मानवधिकार उल्लंधन के पक्के सबूत है. लेकिन सेना हमेशा ऐसे आरोपों को निराधार बताते हुए नकारती रही है.

सेना का कहना है कि अगर उसके किसी आदमी के इसमें शामिल होने के पक्के सबूत मिलते हैं तो वो इसकी जांच करेगी.

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