अमरीका में क़ैद विक्रम के लिए भरोसा

एस एम कृष्णा
Image caption एस एम कृष्णा ने उम्मीद जताई है कि विक्रम निर्दोष साबित होंगे

भारतीय विदेश मंत्रि एस एम कृष्णा ने अमरीका की जेल में बंद एक भारतीय छात्र के रिश्तेदारों को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस मामले को देखेगी.

विक्रम बुद्धि नामक इस छात्र को साढ़े तीन वर्ष पूर्व एक वेबसाइट पर अमरीकी राष्ट्रपति के विरोध में टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया था.

विक्रम बुद्धि के पिता सुब्बाराव बुद्धि भारतीय नौसेना में कैप्टन रह चुके हैं.

उन्होंने अपने बेटे की रिहाई के लिए क़ानूनी रास्ता अपनाने के साथ-साथ भारत सरकार के पास भी पत्र भेजा था.

विक्रम की रिहाई के लिए आईआईटी के पूर्ववर्ती छात्रों ने भी अभियान चलाया हुआ है.

अब भारतीय विदेश मंत्रि एस एम कृष्णा ने कहा है कि अमरीका में भारत सरकार के प्रतिनिधि इस मामले को देखेंगे ताकि विक्रम बुद्धि के मामले की सुनवाई निष्पक्षता से हो.

भारतीय विदेश मंत्रि ने आशा जताई है कि विक्रम अपने ऊपर लगाए गए तमाम आरोपों से बरी हो जाएँगे.

टिप्पणी

37 वर्षीय विक्रम बुद्धि आईआईटी मुंबई से गणित में एमएससी की पढ़ाई करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए अमरीका गए थे.

वे वहाँ इंडियाना प्रदेश के पर्ड्यू विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे.

अप्रैल 2006 में उन्हें एक वेबसाइट पर राष्ट्रपति बुश और कुछ अन्य अमरीकी नेताओं के बारे में टिप्पणी करने के कारण गिरफ़्तार कर लिया गया.

उनपर आरोप लगाया गया कि उन्होंने इराक़ी लोगों को ये टिप्पणी कर भड़काने का प्रयास किया कि वे इराक़ युद्ध के खलनायक बुश और दूसरे अमरीकी नेताओं से बदला लें.

विक्रम के पिता का कहना है कि टिप्पणियाँ उनके बेटे ने नहीं की थीं.

उनके अनुसार पर्ड्यू विश्वविद्यालय की वेबसाइट पूर्व में कई बार हैक की जा चुकी है और संभवतः इस बार भी ऐसा ही हुआ है.

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