'धाँधली को दबाने का आरोप ग़लत'

काइ एडा
Image caption काइ एडा की भूमिका को लेकर संयुक्त राष्ट्र के कुछ लोगों ने इस्तीफ़े भी दिए हैं

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने अपने पूर्व उपप्रमुख के इस आरोप का पहली बार सार्वजनिक रूप से खंडन किया है कि उन्होंने अगस्त में हुए अफ़ग़ान राष्ट्रपति चुनाव में व्यापक धाँधली की बात को दबाने की कोशिश की.

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राट्र के प्रमुख काइ एडा ने साथ ही कहा कि उन्होंने चुनाव में गड़बड़ियों के बारे में संबद्ध अफ़ग़ान अधिकारियों को सूचित कर दिया है लेकिन इस बारे में वे अभी और कोई जानकारी नहीं दे सकते.

काइ एडा के पूर्व सहयोगी और अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के उपप्रमुख रहे पीटर गैलब्रेथ ने आरोप लगाए थे कि काइ एडा ने राष्ट्रपति चुनाव में व्यापक धाँधली की जाँच नहीं होने दी.

इस आरोप के बाद पीटर गैलब्रेथ को उनके पद से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.

उन्होंने साथ ही कहा कि चुनाव के काम में सहयोग दे रहे संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ान अधिकारियों को गड़बड़ी के बारे में ‘कुछ’जानकारियाँ उपलब्ध करवाई हैं.

मगर उन्होंने कहा कि जबतक चुनाव में कुछ स्थानों पर हुए मतदान की दोबारा मतगणना पूरी नहीं हो जाती तबतक वे इन गड़बड़ियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दे सकते.

असंतोष और समर्थन

चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर काइ एडा के रवैये को लेकर कुछ बवेला मचा है और इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के भीतर कुछ लोगों ने इस्तीफ़े भी दिए हैं.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के मुख्य प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने भी चुनाव में काइ एडा की निष्पक्षता के ऊपर सवाल उठाए हैं.

इन्हीं सबके बीच काइ एडा ने रविवार को काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन किया जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोप का खंडन किया.

संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस के राजदूत भी उपस्थित थे.

समझा जाता है कि राजदूतों की उपस्थिति से ये दर्शाने का प्रयास किया जा रहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि के साथ है.

अफ़ग़ानिस्तान में हुए राष्ट्रपति चुनाव के परिणाण अगले कुछ दिनों के भीतर घोषित किए जा सकते हैं.

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