पाकिस्तान में सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाया

पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय की इमारत में चरमपंथियों ने 10 से 15 के बीच सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया है.

सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इन चरमपंथियों को घेर लिया गया है और बंधकों को छुड़ाने की कोशिश की जा रही है.

घटनास्थल से मिली रिपोर्टों के मुताबिक वहाँ से गोलीबारी की आवाज़ें आ रही हैं. इससे पहले मुख्यालय को निशाना बनाकर किए गए हमले में 11 लोग मारे गए थे जिसमें छह सैनिक और चार चरमपंथी शामिल थे.

ये हमला ऐसे समय किया है जब पाकिस्तान तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान चलाने की तैयार कर रहा है.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने बताया है कि पाकिस्तान के तहरीके तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. अथर अब्बास ने कहा कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई के कारण तहरीके तालेबान के लोग ऐसे हमले कर रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर से पहले बंदूकधारी एक सफ़ेद वैन में सैन्य मुख्यालय के परिसर में आए. उन्होंने परिसर में गोलीबारी शुरु कर दी और ग्रेनेड फेंके.

'इलाक़े की नाकेबंदी'

शुरु में तो सेना ने कहा था कि 45 मिनट की गोलीबारी के बाद हालात काबू में कर लिए गए हैं लेकिन बाद में जानकारी दी गई कि मुख्यालय के भीतर एक इमारत में चरमंपथियों ने कुछ लोगों को बंधक बनाया हुआ है. रिपोर्टों के मुताबिक इनमें कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.

उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में पिछले कुछ समय से लगातार हमले हुए हैं. शुक्रवार को ही पेशावर में बम हमला हुआ था जिसमें 50 लोग मारे गए थे.

बीबीसी के अलीम मक़बूल का कहना है कि ताज़ा हमला पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाक़ों में हुआ है और दर्शाता है कि चरमपंथियों के हौसले कितने बढ़ गए हैं.

इस साल मार्च में चरमपंथियों ने लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेटरों की बस पर हमला किया था जिसमें छह पुलिसकर्मी और एक ड्राइवर की मौत हो गई थी.

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