तालेबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरु

लाहौर में हुआ हमला
Image caption पिछले दो हफ़्तों में सुरक्षाबलों को निशाना बनाकर कई हमले किए गए हैं

पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि उस ने वज़ीरिस्तान में तालेबान विद्रोहियों के ख़िलाफ सैन्य अभियान शुरु कर दिया है और यह अभियान छह से आठ हफ्तों तक जारी रहने की संभावना है.

सेना के अनुसार दो अलग-अलग हमलों में उस के चार सैनिक मारे गए हैं और 12 के करीब घायल हो गए हैं.

पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में लगातार हो रहे हमलों के बाद सेना ने यह कार्रवाई शुरु की है.

ताज़ा हमले पुलिस और सेना को निशाना बनाकर किए गए हैं और ज़्यादातर हमलों के लिए तालेबान ने ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी.

पिछले दो हफ़्तों में हुए हमलों में डेढ़ सौ से अधिक लोग मारे गए हैं.

सैन्य अभियान

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने इस्लामाबाद के कुछ पत्रकारों को वज़ीरिस्तान में तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ होने वाले सैन्य अभियान के बारे में जानकारी दी.

Image caption सेना को टैंक और वायुसेना की सहायता दी जा रही है

उन्होंने बताया कि शनिवार को देर रात दक्षिण वज़ीरिस्तान में सेना ने ज़मीनी कार्रवाई शुरु कर दी है. उनका कहना था कि यह कार्रवाई लंबे समय तक चलेगी और इसके पूरा होने में छह से आठ हफ़्तों का समय लग सकता है.

उन्होंने कहा कि सेना ने वज़ीरिस्तान के इलाक़े रज़मक, जंडोला और वाना के इलाक़े शकई में महसूद इलाक़ों की तरफ़ अभियान तेज़ कर दिया है.

अतहर अब्बास ने बताया कि वज़ीरिस्तान में एक हज़ार से पंद्रह सौ विदेशी चरमपंथी मौजूद हैं जिन में अधिकतर उज़्बेक हैं.

सेना के अनुसार पाकिस्तान में हो रहे 80 प्रतिशत हमलों की योजना वज़ीरिस्तान में तैयार की जाती है और इन हमलों में महसूद क़बीले के लोग लिप्त हैं.

सुरक्षाकर्मियों और तालेबान लड़ाकों के बीच झड़पों के समाचार हैं.

सेना बताया है कि वज़ीरिस्तान में उसके दो विभिन्न काफ़िलों पर हमले हुए हैं.

पहला हमला रज़मक इलाक़े में हुआ जबकि दूसरा जंडोला के पास हुआ है. इन हमलों में चार सैनिक मारे गए हैं और 12 के करीब घायल हो गए हैं.

अभियान शुरु होने के बाद वजीरिस्तान आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया और इलाक़े में कर्फ़्यू लागू कर दिया गया है.

विस्थापन

Image caption हमलों की वजह से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो रहे हैं

सैन्य अभियान के बाद वज़ीरिस्तान से काफी लोग विस्थापित हो रहे हैं.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री कमर ज़मान क़ायरा के मुताबिक़ 30 हज़ार के करीब परिवारों के विस्थापित होने का अनुमान है.

उन्होंने बताया कि सरकार ने विस्थापितों के रहने के इंतज़ाम पहले ही कर लिए हैं और डेरा इस्माइल ख़ान में उनके पंजीकरण का काम भी शुरु हो चुका है.

उन्हों ने बताया कि महसूद क़ाबीले के आठ हज़ार के करीब परिवार टाँक शहर पहुँच चुके हैं.

टाँक शहर वज़ीरिस्तान से सटा हुआ है और यह पश्चिमोत्तर प्रांत का हिस्सा है.

ख़बरों के मुताबिक़ तीस हज़ार के क़रीब सैनिक तालेबान के ख़िलाफ़ इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं जिन्हें टैंकों और वायुसेना की मदद भी दी जा रही है. पर वायुसेना को अभी इस्तेमाल नहीं किया गया है.

ग़ौरतलब है कि वज़ीरिस्तान में सैन्य कार्रवाई का फ़ैसला शनिवार की रात ही प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया था जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी ने बैठक को अभियान के बारे में विवरण दिया था.

बैठक के कुछ घंटों बाद सेना ने वज़ीरिस्तान में बड़े पैमाने पर ज़मीनी कार्रवाई शुरु कर दी थी.

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