सेना वज़ीरिस्तान के अंदरूनी इलाक़ों में

पाकिस्तान
Image caption सेना इस अभियान में भारी तोपों और लड़ाकू जहाजों का उपयोग कर रही है

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े दक्षिण वज़ीरिस्तान में सेना और तालेबान विद्रोहियों के बीच तीसरे दिन भी ज़बर्दस्त लड़ाई होती रही. दोनों पक्षों की तरफ से परस्पर विरोधी दावे मिल रहे हैं.

पाकिस्तानी सेना का दावा है कि अब तक 78 चरमपंथी और नौ सैनिक मारे जा चुके हैं. दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकी है. सुरक्षाबलों ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एंगल माल के पहाड़ों पर नियंत्रण करने का दावा भी किया है.

दूसरी तरफ तालेबान का दावा है कि अब तक की लड़ाई में उसका एक भी आदमी नहीं मारा गया है. उनका ये भी कहना है पाकिस्तानी सेना की तरफ मौतों की तादात बताई गई संख्या से बहुत ज्यादा है.

सेना के अनुसार अब तक एक लाख लोग लड़ाई वाले इलाकों से पलायन कर चुके हैं.

दबाव

पाकिस्तानी सेना ने तालेबान पर दबाव के बढ़ाने के अफगानिस्तान की सीमा से सटे इलाकों में पांच ठिकाने स्थापित किए हैं.

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने कहा "सैनिक चरमपंथ का दिल कहे जा सकने वाले इलाके में सफलता के साथ अभियान चला रहे हैं".

उनका कहना था कि इस अभियान को समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जायेगा पर उन्होंने समयसीमा के बारे में नहीं बताया .

लड़ाई वाले इलाकों से किसी भी खबर की पुष्टि नहीं की जा सकी है क्यों पाकिस्तानी सेना ने इस इलाके में पाकिस्तानी और विदेशी सभी तरह के पत्रकरों के जाने पर रोक लगा रखी है.

दूसरी ओर सेना और तालेबान दोनों ओर से कहा जा रहा है कि अभियान में उनका कम नुक़सान हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक अब तक कई लोग मारे गए हैं.

स्थानीय प्रशासन के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि जिन इलाक़ों में सुरक्षाबलों ने नियंत्रण कर लिया है वहाँ उन्होंने चौकियाँ बना दी हैं.

अधिकारी के अनुसार उत्तर की ओर सुरक्षाबलों ने कोई ख़ास पेशकदमी नहीं की है लेकिन पश्चिम और पूर्व की और से सुरक्षाबल काफी अंदर दाख़िल हो गए हैं. उन्हो ने बताया कि शेरवंग के इलाक़े में सुरक्षाबलों ने एक मज़बूत चौकी बना ली है.

उन्होंने बताया कि तालेबान प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद के पैतृक इलाक़े कोटकी के पहाड़ो पर सुरक्षाबलों ने पहले ही पोज़ीशन संभाल ली थी और अब मंडाना के पहाड़ी इलाक़ों में कई चौकियाँ बना ली हैं.

अधिकारी के अनुसार इन सभी इलाक़ो में सुरक्षाबलों ने पूरी रात तालेबान के ठिकानों को निशाना बनाया जिस से कई ठिकाने तबाह हो गए.

तयारज़ा इलाक़े में स्थानीय लोगों ने बताया कि फौज शहर में घुस गई है और चारों ओर पहाड़ों में छिपे चरमपंथियों पर हमलों के लिए गनशिप हेलिकॉप्टर की भी मदद ली जा रही है.

इलाक़े से मिलने वाली ताज़ा सूचना के मुताबिक लड़ाकू विमानों ने महसूद क़बीले के कई इलाक़ों में चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया है. ताज़ा कार्रवाई में कई लोगों के हताहत होने की ख़बर है.

सुरक्षा कारणों से स्कूल बंद

उधर सुरक्षा की बिगड़ी हुई स्थिति को देखते हुए इस्लामाबाद और अन्य बड़े शहरों में सेना के अधीन चलने वाले और निजी स्कूलों को तीन से सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.

शहर के निजी स्कूलों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और तीन दिन के बाद ये फैसला किया जाएगा कि स्कूल खोले जाएँ या नहीं.

सेना के अधीन चलने वाले स्कूल 'आर्मी पब्लिक स्कूल' को भी सात के लिए बंद कर दिया गया है.