करज़ई पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा

करज़ई
Image caption राष्ट्रपति करज़ई अब तक दोबारा चुनाव की माँग का विरोध करते आए हैं

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाले चुनाव दल के एक तिहाई मतों को रद्द करने और दोबारा चुनाव कराने की सिफ़ारिश के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई से फ़ोन पर बात की है.

उधर अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति करज़ई मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाले दल की जाँच से उठे प्रश्नों का उत्तर देंगे.

इस साल अगस्त में हुए अफ़ग़ान राष्ट्रपति चुनाव में कथित धाँधलियों की जाँच करनेवाले संयुक्त राष्ट्र समर्थित जाँच दल के कुछ अधिकारियों ने बीबीसी को बताया था कि राष्ट्रपति हामिद करज़ई को चुनाव में सीधी जीत के लिए पर्याप्त मत नहीं मिल सके थे और ऐसे में वहाँ अब दोबारा चुनाव होना चाहिए.

'करज़ई संविधान का सम्मान करेंगे'

संयुक्त राष्ट्र की एक प्रवक्ता ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई से फ़ोन पर बात की है और उन्होंने विश्वास दिलाया है कि वे संविधान का सम्मान करेंगे.

बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि बान की मून उन अंतरराष्ट्रीय नेताओं में से एक हैं जिन्होंने कहा है कि चुनाव विवाद का जल्द और विश्वसनीय हल होना चाहिए.

फ़िलहाल अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र समर्थित जाँच दल की सिफ़ारिश को मंज़ूर नहीं किया है. अफ़ग़ानिस्तान के इस आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने की थी.

बीबीसी संवाददाता बारबरा प्लेट का कहना है कि हामिद करज़ई ने बान की मून को जो आश्वासन दिया है उसका सबूत तक मिलेगा तब मिलेगा जब अफ़ग़ानिस्तान का स्वतंत्र चुनाव आयोग इस मामले में कार्रवाई की घोषणा करता है.

उनका कहना है कि अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद उसके नैटो सहयोगी चाहेंगे कि या तो दोबारा चुनाव हों या फिर राष्ट्रीय एकता की सरकरार स्थापित हो ताकि चुनाव में विवाद के कारण इस पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को फिर बहाल किया जा सके.

अमरीका का मानना है कि अफ़ग़ानिस्तान में विश्वास योग्य सरकार का होना ज़रूरी है यदि अमरीका को वहाँ अतिरिक्त सैनिक भेजने हैं.

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