पाकिस्तान में ईरानी गार्ड गिरफ़्तार

ईरानी रिवोल्युशनरी गार्ड्स
Image caption ईरानी रिवोल्युशनरी गार्ड्स ईरान की सेना में सबसे शक्तिशाली गुट है

पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि उन्होंने ईरान के नामी सुरक्षाबल रिवोल्युशनरी गार्ड्स के 11 सदस्यों को देश में अवैध रूप से प्रवेश करते समय गिरफ़्तार कर लिया है.

उन्होंने बताया कि ईरानी अधिकारियों को मश्केल में हिरासत में लिया गया जो दक्षिण पश्चिम में बलूचिस्तान से लगी ईरान की सीमा के पास पड़ता है.

पाकिस्तान और ईरान के बीच इस महीने ईरान में हुए एक आत्मघाती हमले के बाद से तनातनी बढ़ रही है.

ईरान का कहना है कि इस हमले के ज़िम्मेदार लोगों को पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी से समर्थन मिला हुआ है.

मगर पाकिस्तान इससे इनकार करता है. हालाँकि उसने बम हमले की निंदा की है और कहा कि वह उन लोगों को पकड़ने में ईरान की मदद करेगा जिनका हमले के पीछे हाथ है.

जुन्दोल्ला और पाकिस्तान

18 अक्तूबर को ईरान में पाकिस्तान से लगे प्रांत सिस्तान बलूचिस्तान में एक आत्मघाती बम हमला हुआ था जिसमें 42 लोग मारे गए थे जिनमें रिवोल्युशनरी गार्ड्स के छह बड़े अधिकारी शामिल थे.

Image caption पाकिस्तान और ईरान के गृहमंत्री के बीच इस्लामाबाद में हमले के बारे में बातचीत हुई

एक सुन्नी विद्रोही गुट जुन्दोल्ला ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी जो कहता है कि वह शिया बहुल देश ईरान में सुन्नियों के साथ भेदभाव के विरूद्ध लड़ाई कर रहा है.

ईरान कहता है कि जुन्दोल्ला ने पाकिस्तान में ठिकाने बनाए हुए हैं और उसे पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है.

ईरान में हुए हमले के बाद ईरान ने पाकिस्तान से माँग की थी कि वो हमलावरों को गिरफ़्तार करे.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने इस रविवार इस्लामाबाद में ईरान के गृहमंत्री से मुलाक़ात की और उन्हें मदद का भरोसा देने के साथ ही कहा कि इस बम हमले के पीछे जो लोग हैं वे दोनों देशों के दुश्मन हैं.

लेकिन पाकिस्तान ने इस बात से इनकार किया है कि जुन्दोल्ला को उनके देश से समर्थन मिल रहा है.

ईरान अमरीका और ब्रिटेन पर भी जन्दुल्ला के साथ साँठ-गाँठ रखने का आरोप लगाता रहता है लेकिन दोनों देश इसका खंडन करते रहे हैं.

रिवोल्युशनरी गार्ड

हाल के समय में सिस्तान-बलूचिस्तान में चरमपंथी गतिविधियों में तेज़ी आई है.

इसे देखते हुए इस वर्ष अप्रैल में ईरान ने रिवोल्युशनरी गार्ड्स को इस प्रांत की सुरक्षा का नियंत्रण दे दिया था.

रिवोल्युशनरी गार्ड्स ईरान की सेना में सबसे शक्तिशाली बल समझा जाता है जिसके संपर्क सीधे सत्ताधारी धार्मिक नेताओं से जुड़े हुए हैं.

रिवोल्युशनरी गार्ड्स में लगभग एक लाख 20 हज़ार सैनिक हैं जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रमों और उसके परमाणु प्रतिष्ठानों की भी देखभाल करते हैं.

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