हट सकते हैं अब्दुल्ला अब्दुल्ला

अफ़ग़ानिस्तान में रिपोर्टों के मुताबिक़ हो सकता है कि दूसरे चरण के चुनाव में राष्ट्रपति हामिद करज़ई के मुख्य प्रतिद्वंदी अब्दुल्ला अब्दुल्ला चुनाव मैदान से हट जाएँ.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कई प्रमुख चुनाव अधिकारियों, मंत्री मंडल के सदस्यों और कुछ प्रांतीय गवर्नरों को हटाने की मांग की थी ताकि दूसरे चरण में धांधली को रोका जा सके.

इन अधिकारियों को हटाने के लिए उन्होंने शनिवार तक का समय दिया था.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पहले ही उनकी मांग ठुकरा दी है.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला के वरिष्ठ सलाहकार अहमद वली मसूद ने शुक्रवार को बीबीसी को बताया था कि उन्हें नाम हटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि पहले चरण की तरह इस बार भी धांधली होगी.

अहमद वली मसूद ने कहा, “चुनावी प्रणाली से जुड़ी समस्याओं को लेकर कुछ भी नहीं किया गया है. जिस ढाँचे के कारण धाँधली हुई वो अब भी बरकरार है. करीब 15 लाख वोट फ़र्ज़ी थे. कुछ भी नहीं बदला है. अगर आप दूसरे चरण का मतदान करवाते हैं, दोबारा वही होगा. इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम शामिल होने के इच्छुक हैं.”

बीबीसी के काबुल संवाददाता इयान पैनेल का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि अब्दुल्ला अब्दुल्ला चुनाव में हिस्सा ही नहीं लेंगे. उनका कहना है कि संभावना है कि इस सप्ताहांत में अब्दुल्ला अब्दुल्ला अंतिम फ़ैसला ले सकते हैं.

अगस्त में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में हज़ारों मतों को अवैध घोषित कर दिया गया था.

शिकायतें दर्ज कराने के लिए बना आयोग (ईसीसी) ने इसके बाद क़दम उठाए और नतीजा हुआ ये कि हामिद करज़ई का वोट प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम हो गया जो सीधी जीत के लिए ज़रूरी है. इसका मतलब है कि दूसरे चरण का मतदान ज़रूरी हो गया है. इस आयोग को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन हासिल है.

काबुल में बीबीसी के एंड्रयू नॉर्थ का कहना है कि इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में हामिद करज़ई के एकमात्र प्रतिद्वंदी सात नंवबर के चुनाव से शायद पीछे हट जाएँगे.

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