वक्त आने पर सबूत देंगे:गिलानी

Image caption बलूच विद्रोही काफ़ी समय से और स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसूफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि बलूचिस्तान में भारतीय दखलअंदाज़ी के सबूत उचित वक्त पर पेश किए जाएंगे.

रविवार को मुल्तान में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार पूरी तरह से सुरक्षित हैं.

बलूचिस्तान में फैले असंतोष और हिंसा के लिए पिछले कुछ समय से पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता रहा है. अक्तूबर में पाकिस्तान गृहमंत्री रहमान मलिक ने भी बलूचिस्तान प्रातंक में बढ़ती चरमपंथी घटनाओं के पीछे भारत का हाथ बताया था.

प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा कि उन्होंने शर्म अल शेख में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ हुई मुलाक़ात में भी इसका ज़िक्र किया था.

भारत इस आरोप से इंकार करता रहा है और पाकिस्तान से सबूत की मांग करता रहा है.

गिलानी ने कहा है, ``सबूत उचित वक्त पर पेश किया जाएगा.’’

उनका कहना था कि पाकिस्तान अपने पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहता है और भारत के साथ समग्र वार्ता प्रक्रिया शुरू करने की ख़्वाहिश भी उन्होंने ज़ाहिर की.

Image caption गिलानी का कहना है कि उन्होंने शर्म अल शेख में भी इस मुद्दे को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ इस मुद्दे को उठाया था.

उनका कहना था कि कोई भी रास्ता बातचीत से ही निकलेगा.

इसके पहले शुक्रवार को गिलानी ने कहा था कि भारत से तनाव के कारण पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित नहीं कर रहा है.

अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल जेम्स जोंस के साथ मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई को अपने अंजाम तक पहुंचाना चाहता है लेकिन पूर्वी सीमा (भारतीय सीमा) पर लगातार तनाव की वजह से पाकिस्तानी फ़ौज पर बहुत ज़्यादा दबाव है.

उन्होंने कहा कि अमरीका को भारत पर दबाव डालना चाहिए समग्र वार्ता प्रक्रिया की शुरूआत के लिए.

भारत 26 नवंबर को मुंबई पर हुए हमलों में पाकिस्तान की छानबीन से असंतुष्ट है और उसका कहना है कि पाकिस्तान जानबूझ कर उसके दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने से कतराता रहा है.

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