मुंबई हमला: पाक से गति बढ़ाने का अनुरोध

कृष्णा और क़ुरैशी
Image caption हाल ही में कृष्णा और क़ुरैशी की यह दूसरी अनौपचारिक मुलाक़ात थी

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी की एक अनौपचारिक मुलाक़ात हुई है.

दोनों ही नेता अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने पहुँचे थे.

ख़बरों के अनुसार एसएम कृष्णा ने शाह महमूद क़ुरैशी से अनुरोध किया है कि पाकिस्तान मुंबई में पिछले साल नवंबर में हुए चरमपंथी हमलों की जाँच और उससे जुड़े मुक़दमे की गति बढ़ाए.

रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारतीय विदेश मंत्री को जाँच और मुक़दमे की प्रगति के संबंध में जानकारी दी है और आश्वासन दिया है कि भारत ने इन हमलों से जुड़े जो भी सबूत उपलब्ध करवाए हैं उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 26 नवंबर को मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के मामले में भारत अब तक पाकिस्तान को सात दस्तावेज़ सौंपें हैं जिसमें इन हमलों के पीछे पाकिस्तानी तत्वों का हाथ है.

इन हमलों में शामिल दस चरमपंथियों में से एक ही जीवित बचा है और उसने अदालत में अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया है.

हालांकि पाकिस्तान ने इन दस्तावेज़ों में दिए गए सबूतों को हर बार अपर्याप्त बताया है और ठोस सबूत देने की मांग की है.

जबकि भारत की ओर से पाकिस्तान को स्पष्टीकरण दिया गया है कि बलूचिस्तान मे हो रही हिंसा मे भारत का हाथ होने के आरोप बेबुनियाद हैं.

स्पष्टीकरण भी

इस मुलाक़ात में भारत की तरफ से अफ़ग़ानिस्तान में भारत की मंशा पर पाकिस्तान की तरफ से उठाए जा रहे सवालों का मामला भी उठाया गया.

सूत्रों का कहना है कि एसएम कृष्णा ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री को बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में भारत की विकास कार्यों मे सहयोग से आगे कोई और मंशा नहीं है.

भारत के इरादों के बारे मे बात करते हुए कृष्णा ने कहा है कि भारत इस क्षेत्र मे शांति चाहता है और अफ़गानिस्तान में भारत की यही कोशिश है.

इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाक़ात 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान हुई थी और उस दौरान भी ये मसले उठे थे.

बीबीसी हिंदी के प्रमुख अमित बरुआ का कहना है कि दोनों नेता फिर से राष्ट्रमंडल सम्मेलन के दौरान फिर से होगी और संभावना है कि फिर से ये मुद्दे उठेंगे.

उनका कहना है कि 26/11 के हमलों के बाद से जिस तरह दोनों देशों के बीच वार्ता के स्तर पर जो ठहराव आ गया है, उसमें हाफ़िज़ सईद पर कार्रवाई जैसे सवाल इसी तरह की अनौपचारिक बैठकों में उठते रहेंगे.

भारत के विदेश मंत्री कृष्णा की मुलाक़ात अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड और रूस के विदेश मंत्री सरेगी लवरोव से भी हुई है.

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