मुंबई हमलों के अभियुक्तों पर चार्जशीट दाख़िल

ज़की उर रहमान लखवी
Image caption लखवी को हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है.

पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमलों के सिलसिले में सभी अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल कर लिया है और अभियुक्तों की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.

अदालत ने मुंबई हमलों के दौरान पकड़े गए एकमात्र जीवित हमलावर अजमल कसाब सहित अन्य नौ लोगों को अपराधी भी घोषित कर दिया है.

आतंकवाद निरोधक अदालत के जज अकरम अवान ने मुंबई हमलों के मुक़दमे की सुनवाई रावलपिंडी की अदियाला जेल में की.

सभी अभियुक्तों को जज के समक्ष पेश किया गया और उनकी मौजूदगी में अभियुक्तों के वकीलों को आरोप पत्र की प्रतियाँ दी गईं.

जिन अभियुक्तों के ख़िलाफ अदालत में अभियोग लागू किया है उन में मुख्य साजिशकर्ता ज़की उर रहमान लखवी, हामिद अमीन सादिक़, शाहिद जमीन रियाज़, मज़हर इक़बाल, जमील अहमद, अब्दुल वाजिद और यूनस अंजुम शामिल हैं.

आरोप पत्र को चुनौती

अदालत की कार्यवाही के दौरान जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और जज के आदेश पर किसी भी पत्रकारों को जाने की अनुमति नहीं मिली.

अदालत ने सुनवाई 5 दिसंबर तक स्थागित कर दी.

अभियुक्त शाहिद जमील के वकील इलियास सिद्दीक़ी ने बताया, “अभियुक्तों के ख़िलाफ जो अभियोग लागू किया गया है वह अभियोजन पक्ष की ओर से दी जाने वाली जानकारी से मेल नहीं खाता.”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल के ख़िलाफ लगाए जाने वाले अभियोग को वह अदालत में चुनौती देंगे.

अदालत ने अभियुक्तों के वकीलों की ओर से अजमल आमिर कसाब के बयान के ख़िलाफ दायर याचिका को भी ख़ारिज कर दिया. याचिका में कहा गया था कि अजमल आमिर कसाब का बयान भारत में लिया गया है जो इस अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

इस याचिका में आगे कहा गया था कि अजमल का बयान क़ानून की धारा 89 पर पूरा नहीं उतरा और इस बयान को सामने रखते हुए उन के मुवक्किलों के ख़िलाफ अभियोग लागू नहीं किया जा सकता.

ग़ौरतलब है कि मुंबई हमलों के दौरान ज़िंदा पकड़े गए पाकिस्तानी नागरिक अजमल आमिर कसाब इन दिनों मुंबई की एक जेल में बंद हैं और वहाँ उन पर मुक़दमा चल रहा है.

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