काम ख़त्म करना चाहते हैं ओबामा

बराक ओबामा
Image caption ओबामा के सामने चुनौती है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में मिशन ख़त्म करने की तिथि बताएँ

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि आठ साल से अफ़ग़ानिस्तान में चल रहे संघर्ष के बाद अब वे चाहते हैं कि 'काम ख़त्म किया जाए'.

उन्होंने कहा है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजने की बहुप्रतीक्षित घोषणा 'जल्दी ही' करेंगे.

कुछ अमरीकी मीडिया का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति अफ़ग़ानिस्तान में 34 हज़ार और सैनिक भेजने जा रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ओबामा से अनुरोध किया गया है कि वे अफ़ग़ानिस्तान में 40 हज़ार और सैनिक भेजें.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर नीति की लगातार समीक्षा करना बहुत कारगर साबित हुआ है.

अगले हफ़्ते घोषणा संभव

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि यह अमरीका के रणनीतिक हित में है कि उस इलाक़े में अल-क़ायदा और उसके सहयोगी संगठन सक्रिय न रहें.

उन्होंने कहा, "पहले हम उनकी क्षमताएँ घटाएँगे और फिर आख़िरकार हम उनका पूरा ढाँचा ध्वस्त कर देंगे."

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "आठ सालों बाद, जिनमें से कुछ सालों में न तो हमारे पास यह काम पूरा करने की क्षमताएँ थीं और न रणनीति, अब मैं चाहता हूँ कि काम ख़त्म किया जाए."

संभावना है कि बराक ओबामा अगले हफ़्ते मंगलवार को टेलीविज़न पर अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजे जाने की घोषणा करेंगे.

बीबीसी के उत्तर अमरीका संपादक मार्क मार्डेल का कहना है कि अगर राष्ट्रपति ओबामा सैनिकों की संख्या पर्याप्त संख्या में बढ़ाने की घोषणा करते हैं तो उनकी अपनी पार्टी के कुछ सदस्य ही नाराज़ हो सकते हैं.

यह साफ़ दिख रहा है कि बराक ओबामा को अफ़ग़ानिस्तान में सैनिक भेजने का निर्णय करने के बाद अपने ही लोगों को समझाना होगा कि अफ़ग़ानिस्तान मिशन कब और कैसे ख़त्म होगा.

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