लाहौर में दो धमाके, 36 की मौत

लाहौर धमाका
Image caption धमाके लाहौर के व्यस्त मून मार्केट में हुए जिनमें रात में काफ़ी चहल पहल रहती है

पाकिस्तान पुलिस का कहना है कि लाहौर शहर में दो धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 36 लोग मारे गए हैं और 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं.

आशंका व्यक्त की जा रही है कि मरनेवालों की संख्या और बढ़ सकती है.

ये धमाके व्यस्त मून मार्केट में हुए और धमाकों बाद दुकानों में आग लग गई.

बीबीसी संवाददाता मोना राणा ने बताया कि एक के बाद एक ये धमाके पाकिस्तान के समयानुसार रात पौने नौ बजे हुए.

उन्होंने बताया कि ये धमाके इतने ज़ोर के थे कि कई किलोमीटर दूर सुने गए.

उनका कहना था कि रात में इन बाज़ारों में काफ़ी चहल पहल रहती है और इसमें महिलाओं और बच्चों की संख्या काफ़ी रहती है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में लाहौर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शफीक़ अहमद ने बताया,'' एक के बाद एक दो धमाके 30 सेकंड के अंतर से हुए. धमाकों के बाद एक इमारत और कुछ दुकानों में आग लग गई.''

इसके पहले पाकिस्तान के पेशावर शहर में अदालत के बाहर हुए एक आत्मघाती धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई थी. इस धमाके में 20 लोग घायल भी हुए थे.

पुलिस का कहना है कि आत्मघाती हमलावर एक रिक्शा से वहाँ आया और अदालत में घुसने की कोशिश की.

लेकिन जब वहाँ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका, तो उन्होंने ख़ुद को धमाके से उड़ा लिया.

चरमपंथी हमले

पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान में चरमपंथी हमलों में एकदम से तेज़ी आई है और सैकड़ों लोगों को अपनी जान इसमें गंवानी पड़ी है.

सैन्य ठिकानों के अलावा विश्वविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया है.

पाकिस्तान की सरकार इस स्थिति से निपट पाने में कमज़ोर नज़र आ रही है.

दरअसल, पाकिस्तान की सीमा से लगे अफ़ग़ानिस्तान में पिछले कुछ महीनों के दौरान चरमपंथ विरोधी अभियान में तेज़ी आई है.

अमरीकी नेतृत्ववाली नैटो गठबंधन सेना के अभियान के कारण माना जा रहा है कि कई तालेबान समर्थक चरमपंथी पाकिस्तान में शरण खोज रहे हैं.

इसका एक असर यह हुआ है कि पाकिस्तान में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान चरमपंथी हमलों में तेज़ी आई है और अस्थिरता बढ़ी है.

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