पाकिस्तानः 250 अधिकारियों पर शिकंजा

गृह मंत्री रहमान मलिक और अल्ताफ़ हुसैन
Image caption गृह मंत्री रहमान मलिक और एमक्यूएम के नेता अल्ताफ़ हुसैन पर भी मामले दर्ज हैं

पाकिस्तान में जाँच एजेंसियों की ओर से कम से कम 250 नेताओं और अधिकारियों की सूची तैयार की गई है जिनके देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है.

इनमें देश के गृहमंत्री रहमान मलिक और रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख्तार के अलावा कई बड़े अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.

एक समाचार चैनल से बातचीत में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री अहमद मुख़्तार ने बताया है कि वो एक सरकारी यात्रा पर चीन जाने वाले थे पर उन्हें विमान में नहीं चढ़ने दिया गया है.

अहमद मुख्तार ने बताया कि उन्हें प्रवर्तन अधिकारियों ने रोक दिया है.

दरअसल, इन लगभग 250 अधिकारियों के ख़िलाफ़ पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी, नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्युरो ने जाँच का काम शुरु कर दिया है.

ज़रदारी का संकट

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हाल के एक फैसले में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के अलावा संघीय कैबिनेट के चार सदस्यों के साथ-साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों को क्षमा या राहत देने वाले क़ानून को असंवैधानिक क़रार दिया था.

इसके बाद से ही कई अधिकारी जाँच के दायरे में आ गए हैं और इनके खिलाफ़ लगे आरोपों की जाँच का काम फिर से शुरू हो रहा है.

वैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी पर भी दबाव बना हुआ है और एक तरह के राजनीतिक संकट के संकेत पाकिस्तान से मिल रहे हैं.

जिन बड़े लोगों के ख़िलाफ़ आरोप हैं कि उनमें राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी, गृहमंत्री रमहान मलिक, रक्षा मंत्री अहमद मुख़्तार, ब्रिटेन में पाकिस्तान के उच्चायुक्त वाजिद श्मसुल हसन,अमरीका में पाकिस्तान के दूत हुसैन हक़्क़ानी और वसीम अख़्तर भी शामिल हैं.

दूसरे बड़े नामों में एआर सिद्दीक़ी, जावेद कुरैशी, सेराज दुर्रानी, मुश्ताक़ अवान, हाजी नवाज़ खोखर, राणा नज़ीर ख़ान, वली रहमान, ब्रिगेडियर इम्तियाज़, सलमान फ़ारूक़ी, उस्मान फ़ारूक़ी, सरदार मक़सूद लग़ारी, ब्रिगेडियर असलम हयात और चौधरी ज़ुल्फ़िक़ार अली शामिल हैं.

सबसे अधिक मुक़दमे मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के निर्वासित नेता अल्ताफ़ हुसैन के ख़िलाफ़ 72 मामले दर्ज हैं. जिनमें 31 हत्या और 11 हत्या की कोशिश का मामला है.

वैसे आसिफ़ ज़रदारी के ख़िलाफ़ भी आठ मामले हैं.

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