मंत्रियों के बचाव में आई पार्टी

ज़रदारी
Image caption ज़रदारी के ख़िलाफ़ भी फ़ैसला आया है

पाकिस्तान में सत्ताधारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने विवादास्पद अध्यादेश से लाभान्वित मंत्रियों का बचाव करने का फैसला लिया है और कहा है कि उस के मंत्री अदालतों का सामना करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नेशनल रिकॉन्सिलिएशन ऑर्डिनेंस को अवैध क़रार देने के बाद गठबंधन सरकार संकट में आ गई है क्योंकि राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी और गृह मंत्री रहमान मलिक समेत दो अन्य मंत्रियों ने इस अध्यादेश से लाभ उठाया था.

सरकार को इस संकट से निकालने के लिए पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रपति आसिफ ज़रदारी की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गीलानी और कई पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से भाग लिया.

बैठक में सर्वसम्मिति से एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी के नेतृत्व के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया.

प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्रपति आसिफ़ ज़रदारी ने पार्टी के सह-अध्यक्ष और राष्ट्रपति की हैसियत से चुनौतियों का मुक़ाबला किया.

बैठक के बाद राष्ट्रपति ज़रदारी ने पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, "मेरी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का आदर करती है और मंत्रियों पर लगे आरोप के आधार पर वे इस्तीफ़ा नहीं देंगे."

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हाल के एक फ़ैसले में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के अलावा संघीय कैबिनेट के चार सदस्यों के साथ-साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों को क्षमा या राहत देने वाले क़ानून को असंवैधानिक क़रार दिया था.

इसके बाद से ही कई अधिकारी जाँच के दायरे में आ गए हैं और इनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच का काम फिर से शुरू हो गया है.

वैसे सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी पर भी दबाव बना हुआ है और पाकिस्तान में एक बड़े राजनीतिक संकट के संकेत दिख रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद गृह मंत्री रहमान मलिक, रक्षा मंत्री चौधरी अहमद मुख़्तियार और क़ानून मंत्री बाबर अवाण पर त्यागपत्र का दबाव बढ़ गया है लेकिन पीपुल्स पार्टी ने कहा कि उसका कोई मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देगा.

बचाव

पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित हुए पार्टी के महासचिव जहाँगीर बदर ने कहा, "पार्टी के जो कार्यकर्ता हैं, मंत्री और नेता हैं उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है. हम न्यायपालिका का आदर करते हैं और उनके मुक़दमों का सामना करेंगे और अदालतों में उनका बचाव करेंगे."

उनके मुताबिक़ पीपुल्स पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ दर्ज सभी मुक़दमे झूठे हैं और कभी भी उन पर साबित नहीं हुए लेकिन वह हमेशा अदालतों में पेश हुए और मुक़दमों का सामना किया.

ग़ौरतलब है कि रावलपिंडी की एक अदालत ने पीपुल्स पार्टी के नेता और क़ानून मंत्री बाबर अवाण के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया. थोड़ी देर बाद वे अदालत के समक्ष पेश हुए और ज़मानत करा ली.

जहाँगीर बदर ने कहा कि पीपुल्स पार्टी चाहे सत्ता में हो या न हो उसको हर दौर में निशाना बनाया गया और आज भी उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र हो रहा है. उनके अनुसार पीपुल्स पार्टी आज भी राजनीतिक मुग़ले आज़म है.

दूसरी ओर राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक दोबारा सोमवार को बुलाई है.

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