ज़कीउर्रहमान लखवी की याचिका ख़ारिज़

लखवी
Image caption लखवी पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई में हमले की साज़िश रची और उन्हें मदद भी दी.

पाकिस्तान में आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुंबई हमलों के मामले में गिरफ़्तार लश्करे तैबा के चरमपंथी ज़कीउर्रहमान लखवी समेत सात संदिग्धों की रिहाई संबंधी याचिका ख़ारिज़ कर दी है.

अदालत ने मुंबई हमलों में एकमात्र जीवित पकड़े गए चरमपंथी अजमल आमिर कसाब को सुनवाई के लिए पाकिस्तान लाने की याचिका भी ख़ारिज़ कर दी है.

रावलपिंडी के अदिलयाला जेल में मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश मलिक मोहम्मद अकरम अवान ने अभियोजन पक्ष से कहा कि वो 16 जनवरी को अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सबूत पेश करें.

बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की जिरह के बाद कोर्ट ने रिहाई संबंधी याचिका ख़ारिज़ की है. अभियोजन पक्ष का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं.

अभियुक्तों ने पिछले महीने रिहाई संबंधी याचिका दायर कर कहा था कि उनके ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं बनता है. इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष ने कसाब के बयान को भी सबूत बनाया है जिसका बचाव पक्ष ने विरोध किया था.

उल्लेखनीय है कि हाल में कसाब ने अपना बयान बदल दिया था.

इस मामले में ज़कीउर्रहमान लखवी, ज़रार शाह, अबू अल कामा, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज़, जमील अहमद और युनुस अंजुम को गिरफ्तार किया गया है और उन पर नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए हमलों की साजिश रचने का आरोप है.

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