दोषियों को जल्दी सज़ा दी जाए

कृष्णा और कुरैशी
Image caption नए साल के अवसर पर एसएम कृष्णा ने कुरैशी को फोन किया.

भारतीय विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने पाकिस्तान से एक बार फिर कहा है कि वो मुंबई हमलों के मामले में गिरफ्तार लोगों को जल्दी सज़ा दे और पूरी कार्रवाई की जानकारी देता रहे.

विदेश मंत्री कृष्णा ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री मख्दूम शाह महमूद कुरैशी को आज फोन किया और कहा कि मुंबई पर हुए हमले की पूरी साज़िश का पर्दाफ़ाश करने की ज़रुरत है.

विदेश मंत्री ने कृष्णा ने कुरैशी को नए साल की बधाईयां दी लेकिन साथ ही कहा किपाकिस्तान को अपनी ज़मीन पर चरमपंथियों के आधारभूत ढांचे को ख़त्म करने की ज़रुरत है.

उन्होंने भारतीय मछुआरों को छोड़ने के लिए पाकिस्तान सरकार का शुक्रिया अदा किया और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि आने वाले दिनों में मछुआरों और क़ैदियों समेत अन्य मानवीय मुद्दों पर सहयोग जारी रखा जाएगा.

लखवी का मामला

इस बीच मुंबई हमलों के मामले में गिरफ्तार तश्करे तैबा के नेता ज़कीउर्रहमान लखवी ने मुंबई हमलों का मुक़दमा रावलपिंडी के बजाए लाहौर में चलाने के लिए याचिका दायर की है.

ज़कीउर्रमान लखवी के वकील ख़्वाजा सुलतान ने लाहौर हाई कोर्ट की रावलपिंडी बेंच में यह याचिका दायर की है. रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में ज़कीउर्रहमान लखवी सहित सात अभियुक्तों के ख़िलाफ मुक़दमा चल रहा है.

अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई हमलों की योजना बनाई और हमलावरों की मदद की.

ज़कीउर्रहमान लखवी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि रावलपिंडी की जिस अदालत में उनके ख़िलाफ मुक़दमा चल रहा है वहाँ उनकी ज़िंदगी को ख़तरा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि रावलपिंडी शहर में भारतीय ख़ुफिया एजेंसी रॉ के एजेंट मौजूद हैं.

याचिका में अदालत से आग्रह किया गया है कि ज़कीउर्रहमान लखवी के ख़िलाफ रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में चल रहे मुक़दमे को तबदील कर लाहौर की किसी अदालत में चलाया जाए.

यचिका में यह भी कहा गया है कि रावलपिंडी की अडयाला जेल के अधिकारी ज़कीउर्रहमान लखवी से उन के वकील को मिलने की भी अनुमति नहीं देते.

लाहौर हाई कोर्ट की रावलपिंडी बेंच में न्यायधीश जस्टिस ख़्याजा मोहम्मद शरीफ ने ज़कीउर्रहमान लखवी की याचिका पर सुनवाई की और केंद्रीय गृह सचिव, अटॉर्नी जनरल और पंजाब प्रांत के एडवोकेट जनरल को नोटिस जारी किए हैं.

अदालत ने वरिष्ट अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह 21 जनवरी को ज़कीउर्रहमान लखवी की याचिका पर जवाब दें.

अदालत ने जेल अधिक्षक को भी आदेश दिया है कि वह जकरीउर्रहमान लखवी को उन के लकील से मिलने की अनुमति दी जाए.

ध्यान रहे कि सुरक्षा कारणों से मुंबई हमलों का मुक़दमा ज़कीउर्रहमान लखवी, ज़रार शाह, हमाद अमीन सादिक़ सहित 7 अभियुक्तों के ख़िलाफ रावलपिंडी की अडयाला जेल में चल रहा है.

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