मंत्रिमंडल मुद्दे पर करज़ई को फिर झटका

हामिद करज़ई
Image caption अफ़ग़ान मंत्रिमंडल को संसद की मंज़ूरी मिलनी ज़रुरी होती है

अफ़ग़ानिस्तान में संसद ने राष्ट्रपति हामिद करज़ई के प्रस्तावित मंत्रिमंडल के 17 में से 10 सदस्यों को नकार दिया है.

लगभग दो हफ़्ते पहले भी राष्ट्रपति करज़ई की ओर से मनोनीत किए गए 24 में से 17 नामों को नकार दिया गया था. इस क़दम से राष्ट्रपति क़रज़ई की प्रतिष्ठा को भारी धक्का लगा है.

काबुल में बीबीसी संवाददाता मार्क डम्मेट के अनुसार राष्ट्रपति करज़ई को उम्मीद थी कि लंदन में 28 नवंबर को अफ़ग़ानिस्तान के सहायक देशों के सम्मेलन से पहले उनका मंत्रिमंडल बन जाएगा, लेकिन अब ऐसा लगता है कि ये संभव नहीं होगा.

24 में से 14 मंत्री मंज़ूर

संसद ने जिन लोगों के नाम को स्वीकृति दी है उनमें करज़ई के पूर्व सुरक्षा सलाहकार जलमेय रसूल, विदेश मंत्री के रूप में और न्याय मंत्री के तौर पर हबीबुल्ला ग़ालिब शामिल हैं.

जिन तीन महिलाओं के नाम करज़ई की सूची में थे, उनमें से केवल एक - अमीना अफ़ज़ली को कार्य और सामाजिक मामलों की मंत्री के तौर पर स्वीकृति मिली है.

लेकिन इस धक्के के बावजूद राष्ट्रपति करज़ई को कुल 24 में से 14 मंत्री बनाने की मंज़ूरी मिली गई है और इनमें विदेश, रक्षा और आंतरिक मामलों के मंत्री शामिल हैं.

फ़िलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि राष्ट्रपति बाक़ी के मंत्रिमंडलीय पदों के लिए नामों की सूची संसद के समक्ष कब पेश करेंगें और सांसद इस पर कब वोट करेंगे.

दो जनवरी को जब राष्ट्रपति करज़ई की पहली सूची में 17 नाम नकार दिए गए थे तब उन्होंने सांसदों से शीतकालीन छुट्टी रद्द करने के आदेश दिए थे ताकि मंत्रिमंडल के पद जल्द पूरे करने के बाद सरकार का कामकाज सुचारु ढंग से चल सके.

राष्ट्रपति करज़ई पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वे ऐसी सरकार बनाएँ जो अफ़ग़ानिस्तान में सुधारों के काम का निरीक्षण कर सके.

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