काबुल पर चरमपंथियों का हमला

Image caption काबुल में कड़ी सुरक्षा के बावजूद तालिबान चरमपंथियों के हमले होते रहे हैं.

अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में संदिग्ध तालिबान चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच लड़ाई छिड़ी हुई है.

लड़ाई ऐसे इलाके में हो रही है जिसमें राष्ट्रपति निवास है, सेरेना होटल है, केंद्रीय बैंक है और क़ानून मंत्रालय का दफ़्तर है.

मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उन्होंने इन इमारतों के करीब कई बम धमाकों और गोलीबारी की आवाज़ सुनी है.

एक तालिबान वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि इस हमले में खास तौर पर सरकारी इमारतों और होटल को निशाना बनाया गया है.

तालिबान का कहना है कि इसमें आत्मघाती हमलावरों समेत उनके बीस लड़ाके शामिल हैं.

गठबंधन सेना का कहना है कि इलाके को सुरक्षित करने में अंतरराष्ट्रीय सेना अफग़ान सैनिकों की मदद कर रही है.

शहर के मध्य में सड़कों, गलियों और सरकारी इमारतों को भी भी बंद कर दिया गया है.

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि कई चरमपंथी एक निजी इमारत जो संभवत: एक शॉपिंग सेंटर है उसमें घुस गए हैं और गोलीबारी मुख्य रूप से वहीं हो रही है.

एक सरकारी इमारत में फंसे अधिकारी ने बीबीसी को बताया, ``यहां बिल्कुल अफ़रातफ़री का माहौल है...हम समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें, कहां जाएं.’’

ये हमला ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कैबिनेट के कुछ सदस्यों का शपथग्रहण समारोह चल रहा था.

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