लखवी की अपील ख़ारिज

Image caption लखवी चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा के नेता हैं

पाकिस्तान की एक अदालत ने मुंबई हमला मामले में अभियुक्त लश्करे तैबा नेता ज़कीउर्रहमान लखवी की एक याचिका ख़ारिज कर दी है जिसमें उन्होंने रावलपिंडी की जगह लाहौर में मामला चलाने की अपील की थी.

लाहौर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ख़्वाजा मोहम्मद शरीफ ने पाकिस्तान सरकार को आदेश दिया है कि लखवी को जेल के भीतर सुरक्षा प्रदान की जाए.

केंद्रीय और प्रांतीय सरकार ने अदालत को आश्वासन दिया कि ज़कीउर्रहमान लखवी सहित सातों अभियुक्तों को जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

लखवी के वकील ख़्वाजा सुलतान ने लाहौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा था कि रावलपिंडी की अडयाला जेल में उन के मुवक्किल अपने आप को असुरक्षित समझ रहे हैं, इसलिए मुक़दमा लाहौर में चलाया जाए.

सुलतान ने ये भी कहा था कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग अदालत के फ़ैसले पर असर डाल सकता है.

'ख़तरा'

याचिका में यहा भी कहा गया था कि इस मुक़दमे में गिरफ्तार अभियुक्तों के वकीलों को शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर अडयाला जेल में मुक़दमे के लिए जाना पड़ता है और रास्ता वीरान होने के कारण वकीलों की जान को ख़तरा हो सकता है.

मुख्य न्यायधीश ख़्वाजा मोहम्मद शरीफ ने इस याचिका पर डिप्टी अटॉर्नी जनरल और पंजाब प्रांत के अभियोजन पक्ष के बयान सुनने के बाद गुरुवार को फैसला सुक्षित रखा था.

सुनवाई के दौरान केंद्रीय और प्रांतीय सरकार के अधिकारियों ने अदालत को आश्वासन दिया था कि जकीउर्रहमान लखवी सहित सातों अभियुक्तों को जेल के अंदर और बाहर कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.

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