मुजीब मामले में सज़ा की पुष्टि

शेख मुजीब
Image caption शेख मुजीब की हत्या का मुक़दमा पिछले दस वर्षों से चल रहा था

बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय ने देश के प्रथम राष्ट्रपति शेख़ मुजीबुर्रहमान की हत्या के मामले में पाँच पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सज़ा सुनाए जाने की पुष्टि कर दी है.

इसके साथ ही उनको सज़ा देने का रास्ता साफ़ हो गया है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार से बांग्लादेश सरकार के मुख्य सरकारी वकील सैयद अनीसुल हक़ ने कहा,''मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील को ख़ारिज कर दिया है.''

उन्हें पहले ही मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी थी और इस सज़ा के ख़िलाफ़ यह उनकी आख़िरी अपील की थी.

जिन पांच पूर्व सैनिकों की अपील ख़ारिज की गई है वे शेख़ मुजीब की हत्या के आरोपों से इनकार नहीं करते,पर उनका कहना था कि उन पर मुक़दमा नागरिक अदालत में नहीं बल्कि सैन्य अदालत में चलना चाहिए.

यह बांग्लादेश में लंबे समय से चल रहा सबसे विवादास्पद मुक़दमा है. इस मामले की सुनवाई दस वर्ष पहले शुरु हुई थी.

बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख़ मुजीबुर्रहमान की उनके परिवार के ज़्यादातर सदस्यों के साथ 1975 में हत्या कर दी गई थी.

शेख़ मुजीबुर्रहमान की बेटी और इस समय बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना उस समय इसलिए बच गई थीं क्योंकि वे उस समय विदेश में थीं.

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