'सैन्य अफ़सरों समेत 37 हिरासत में'

श्रीलंका में सुरक्षा
Image caption चुनावों में राजपक्षे विजयी घोषित हुए लेकिन पूर्व सेनाध्यक्ष ने हार नहीं मानी है

श्रीलंका के एक सरकार अख़बार के अनुसार राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की हत्या के प्रयास के षड्यंत्र से संबंधित 37 लोग हिरासत में हैं. आपातकाल नियमों के तहत हिरासत में लिए गए इन लोगों में से अधिकतर पुलिस अधिकारी हैं.

इनमें से कुछ अधिकारियों को रिटायर्ड सेनाध्यक्ष जनरल सरत फ़ोन्सेका के चुनावी दफ़्तर से पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किया गया था.

श्रीलंका में 26 जनवरी को हुए चुनाव में राजपक्षे और फ़ोन्सेका के ख़ेमों के बीच ख़ासी तनातनी चली थी और दोनों ही ने एक दूसरे को जान से मारने की साज़िशें रचे जाने का दावा किया था.

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद जेनरल फ़ोन्सेका ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया.

विपक्ष ने आरोप ख़ारिज किए

श्रीलंका में विपक्ष ने किसी भी षड्यंत्र से संबंधित होने के आरोपों को ख़ारिज किया है.

विपक्ष के हज़ारों समर्थक राजधानी कोलंबो में प्रदर्शन कर रहे हैं और चुनाव में धाँधली के आरोप लगा रहे हैं. लेकिन श्रीलंका के चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है.

सोमवार को लगभग एक दर्जन सैन्य अफ़सरों को रिटार्य कर दिया गया था और इन पर राजनीति में दख़ल देने का आरोप लगाया गया था.

सरकारी अख़बार डेली न्यूज़ ने समाचार दिया था कि जिन 37 लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें एक ब्रिगेडियर, एक कर्नल, सेना के कुछ भगोड़े और चार आम नागरिक हैं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जो लोग हिरासत में हैं उनमें दो तमिल भी है जिनपर अवैध रूप से हथियार सप्लाई करने का आरोप है जो कोलंबो के केंद्रीय मंदिर में मिले हैं.

सरकार की ओर झुकाव रखने वाले एक अन्य अख़बार ने कहा है कि जिन 37 लोगों को हिरासत में लिया गया है उनके अलावा 20 लोगों से पूछताछ हो रही है.

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