'कश्मीर पर गुप्त वार्ता का कोई रिकॉर्ड नहीं'

शाह महमूद क़ुरैशी
Image caption क़ुरैशी कहते हैं कि बातचीत वहीं से शुरू हो जहां ख़त्म हुई थी.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर परवेज़ मुशर्रफ़ के समय में भारत के साथ हुई किसी गोपनीय वार्ता के नतीजों का रिकॉर्ड नहीं है.

उन्होंने कहा कि अगर उस समय भारत के साथ कोई गुप्त वार्ता हुई होती तो इसका रिकॉर्ड पाकिस्तानी विदेश विभाग के पास ज़रूर होता.

ग़ौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ऐसा दवा करते हैं कि वो भारत के साथ बातचीत में कश्मीर मुद्दे के समाधान के काफी करीब आ गए थे.

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि अब कोई भी बातचीत वहीं से शुरू होनी चाहिए जहाँ पर आधिकारिक तौर पर ख़त्म हुई थी.

पाकिस्तान में विदेशी मामलों की जानकार हुमा नाज़ वकाई कहती हैं,"पर्दे के पीछ होने वाली कूटनीति की जानकारी सरकार के पास होती है. जिस किस्म की बातचीत सार्वजनिक तौर पर होती है, उससे कहीं ज़्यादा बात पर्दे के पीछे होती है. इसका मक़सद यही होता है कि आधिकारिक वार्ता की ज़मीन तैयार की जाए."

शाह महमूद क़ुरैशी का कहना है कि अगर कश्मीर पर इस तरह की कोई बात हुई भी है तो वह निजी स्तर पर हुई होगी.

उन्होंने भारत के साथ बातचीत दोबारा शुरु करने पर ज़ोर दिया और कहा कि भारत भी इस चीज़ को समझ रहा है.

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